दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में सोमवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली। वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता के बीच बिटकॉइन फिसलकर 92,000 डॉलर के स्तर के आसपास आ गया।क्रिप्टो बाजार पर दबाव की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का नया टैरिफ ऐलान है। ट्रम्प ने 17 जनवरी को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पोस्ट कर बताया कि 1 फरवरी से ग्रीनलैंड मुद्दे को लेकर आठ यूरोपीय देशों पर 10% आयात शुल्क लगाया जाएगा। इन देशों में डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, नॉर्वे, स्वीडन, नीदरलैंड्स और ब्रिटेन शामिल हैं।ट्रम्प ने साफ किया है कि अगर जून तक ग्रीनलैंड की “पूरी और अंतिम खरीद” को लेकर कोई समझौता नहीं होता है, तो यह टैरिफ बढ़ाकर 25% तक किया जा सकता है। इस बयान को कई यूरोपीय नेताओं ने ब्लैकमेल और खतरनाक कदम करार दिया है। इससे ट्रांसअटलांटिक रिश्तों में तनाव और गहराने की आशंका जताई जा रही है।भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के साथ ही निवेशकों में जोखिम से बचने की भावना तेज हो गई है। इसका सीधा असर क्रिप्टो बाजार पर पड़ा है। CoinGlass के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में करीब 600 मिलियन डॉलर की लॉन्ग पोजीशंस लिक्विडेट हो गईं। इनमें से केवल एक घंटे के भीतर ही 514 मिलियन डॉलर की लिक्विडेशन दर्ज की गई