
जालंधर: प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मानव अधिकार परिषद भारत की राष्ट्रीय अध्यक्ष आरती राजपूत ने कहा कि पंजाब में बिगड़ती कानून व्यवस्था गहन चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि पंजाब में पिछले 4 सालों से हालात बहुत चिंताजनक बन चुके हैं। गैंगस्टर और नशाखोरी ताकतों के प्रभाव में पंजाब के युवाओं को अपना शिकार बना कर बड़े पैमाने पर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में रोजाना हो रही हत्याओं, फिरौती मांगने और न देने पर हत्या, पुलिस की नाक के नीचे डकैती, लूटपाट आदि से पंजाब के लोग डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में इतनी कमजोर और लापरवाह सरकार कभी नहीं देखी। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद कबड्डी खिलाड़ी संदीप अंबियां की सरेआम हत्या, मशहूर पंजाबी गायक शुभदीप सिद्धू मूसेवाला की हत्या, नकोदर के व्यापारी और गैंगमैन की हत्या, फगवाड़ा में सुधीर स्वीट्स की दुकान पर सरेआम गोलियां चलना, जालंधर बेस्ट हल्के में गुंडागर्दी और युवक की हत्या सरेआम कर दी गई, इससे पता चलता है कि वर्तमान सरकार के शासन में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं।
राज्य में अराजकता और कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। उन्होंने कहा कि अगर इस पर नकेल नहीं लगी तो पंजाब को बर्बाद होने से कोई नहीं बचा पाएगा। उन्होंने कहा कि मानव अधिकार परिषद भारत पंजाब के लोगों के साथ खड़ी है और उनकी हर मुश्किल का हल करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि आप सरकार गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी के बारे में पंजाबियों को गुमराह करके पंजाब सरकार सफेद झूठ बोल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब पुलिस उसके बारे में क्या छिपा रहे हैं और उसके संदर्भ में कोई जानकारी जनता को क्यों नहीं दी जा रही। यह बहुत ही गंभीर संज्ञान वाला विषय है।
उन्होंने कहा कि पिछले साल राजिंदरा हॉस्पिटल पटियाला में सुविधाओं के नाम पर अव्यवस्थाओं की जो वीडियो वायरल थी उसकी लड़ाई भी मानव अधिकार परिषद भारत ने द्वारा ही लड़ी गई। जिसमें हमने पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड, पटियाला और सरकारी राजिंदरा अस्पताल, पटियाला द्वारा प्रस्तुत उत्तरों/रिपोर्टों के बारे में अपनी असहमति व्यक्त की थी।
उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में यह स्वीकार किया गया है कि मेरे द्वारा दर्ज की गई शिकायत में सरकारी राजिंदरा अस्पताल, पटियाला में एक बड़ी विद्युत आपूर्ति विफलता हुई थी, लेकिन उन्होंने विद्युत आपूर्ति और मुख्य विद्युत आपूर्ति तथा जनरेटर/वैकल्पिक बैकअप पावर सप्लाई सिस्टम को अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर/आईसीयू और अन्य वार्डों में बनाए रखने की जिम्मेदारी राजिंदरा अस्पताल के अधिकारियों पर डाल दी है। उन्होंने कहा कि सरकारी राजिंदरा अस्पताल के अधिकारियों ने बताया है कि उस विशेष दिन विद्युत कटौती हुई थी और अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में लगभग 15 मिनट तक कोई विद्युत आपूर्ति नहीं थी, लेकिन बैकअप सिस्टम ठीक से काम कर रहे थे और कोई ऑपरेशन बाधित नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि इस स्थिति से 15 मिनट तक कोई विद्युत आपूर्ति या बैकअप सिस्टम काम नहीं कर रहा था, जो चिकित्सा कर्मचारियों और रोगियों के लिए बहुत गंभीर स्थिति थी। इसके साथ-साथ हॉस्पिटल के अधिकारियों ने मानवाधिकार आयोग से तथ्यों को छिपाने की कोशिश की और गलत बयान दिया।
उन्होंने कहा कि हमने मांग की थी कि संबंधित अधिकारी नई व सुधारित उपकरणों की स्थापना करके विद्युत आपूर्ति प्रणालियों में सुधार करें, जिसमें पावर बैकअप उपकरण भी शामिल हों जो आधे घंटे की आपातकालीन स्थिति के लिए पर्याप्त हों।
उन्होंने बताया कि हमारी शिकायतों और सुझावों को सरकारी विभाग ने सही मानते हुए सरकारी रेजिडेंशियल अस्पताल पटियाला को उनके रिपोर्ट में उल्लिखित कार्यों का पालन करने के लिए निर्देश दिए, जिसमें पिछले दिनों समाचारों के माध्यम से पता चला कि रेजिडेंशियल अस्पताल में आपात स्थिति से निपटने की तैयारी शुरू हो चुकी है और विभाग ऑक्सीजन सिस्टम पर 25 करोड़ रुपए खर्च करेगा।
उन्होंने कहा कि हमारी जानकारी में यह भी आया है कि हॉस्पिटल प्रबंधन ऑक्सीजन सप्लाई में बिना किसी बाधा निरंतर सुनिश्चित करेगा। सेंट्रलाइज्ड सिस्टम, आईसीयू समेत 25 वार्डों और 8 ओटी की सुविधा भी प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि हमारी मानव अधिकार परिषद भारत ने इस बाबत जो जिम्मेदारी इस कार्य को पूरा करने की थी उसे पूरी जिम्मेदारी के साथ पूरा किया।
Er. Chandan Rakheja (Gen. Sec.) Jalandhar – HRCI
उन्होंने कहा कि मान सरकार पंजाब में मीडिया की आज़ादी और पारदर्शिता को दबाने का कार्य कर रही है। मानव अधिकार परिषद भारत आम आदमी पार्टी की सरकार की हित समाचार समूह पर कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करती है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई ने संविधान के चौथे स्तंभ मीडिया के संवैधानिक मूल्यों का मज़ाक उड़ाया है। उन्होंने कहा कि आप लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करना चाहते हैं जो किसी भी रूप से बर्दाश्त नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि मानव अधिकार परिषद भारत आने वाले समय में सड़कों पर उतर कर सरकार की इस दमनकारी नीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि लगातार मीडिया की आवाज़ दबाने वाली प्रदेश सरकार की इस ओछी हरकत से पंजाब सरकार की घटिया कार्यप्रणाली जगजाहिर हो चुकी है।
पंजाब केसरी के हक में मानव अधिकार परिषद भारत की पूरी टीम खड़ी है और मौजूदा सरकार पंजाब में किस तरह से मानव के अधिकारों का हनन कर रही है और तानाशाही राज चला रही है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश से मांग है कि उनके द्वारा निष्पक्ष जांच की जाए और मान सरकार की तानाशाही पर ब्रेक लगाई जाए।
उन्होंने कहा कि चौपड़ा परिवार ने आतंकवाद के दौर में भी निष्पक्ष पत्रकारिता की और आतंकवाद का डटकर मुकाबला किया था। इस दौरान उनके परिवार से 2 सदस्य शहीद भी हो गए लेकिन फिर भी उन्होंने अपनी कलम को नहीं रोका।
उन्होंने कहा कि मानव अधिकार परिषद भारत इस लड़ाई में हित समाचार पत्र समूह के साथ प्रतिबद्धता से अपनी बात ऊपर तक लेकर जाएगी।