आज पंजाब के मुख्य मंत्री श्री भगवंत मान ने प्रेस में फोटो समेत एक बियान लगाया है के दलित बच्चों को वजीफा सिर्फ मान सरकार दे रही है बाकी पार्टियां तो सिर्फ दलितों का नुकसान ही करती आई हैं के बारे सपष्ट करते हुए
प्रेस से जानकारी सांझी की:

2 लाख SC छात्रों के ड्रॉप-आउट पर सवाल पूछने वाले राज्यपाल को “लव लेटर” कहकर CM मान ने संविधान का अपमान किया था।

अनुसूचित जाति (SC) विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति को लेकर AAP और कांग्रेस—दोनों को कटघरे में खड़ा करते श्री लाधर ने कहा कि
पंजाब के राज्यपाल ने जब यह संवैधानिक प्रश्न उठाया कि लगभग 2 लाख SC छात्र पढ़ाई से बाहर क्यों हुए, तो मुख्यमंत्री भगवंत मान का उत्तर तथ्य देने के बजाय संवैधानिक पद का मज़ाक उड़ाना था।
विधानसभा में राज्यपाल के पत्रों को “लव लेटर” कहना न केवल अशोभनीय, बल्कि SC समाज के सवालों से भागने का प्रमाण है।

कांग्रेस–AAP: घोटाले में साझेदार, कार्रवाई में शून्य

श्री लाधर ने याद दिलाया कि:
• कांग्रेस सरकार के मंत्री साधु सिंह धर्मसोत आज भी SC स्कॉलरशिप घोटाले में ज़मानत पर हैं।
• हज़ारों करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति कॉलेजों और संस्थानों द्वारा हड़प ली गई, लेकिन
• न कांग्रेस ने कार्रवाई की
• न AAP सरकार ने सत्ता में आने के बाद एक भी दोषी संस्थान को ब्लैकलिस्ट किया।
• जिन संस्थानों ने गरीब SC छात्रों का पैसा खाया, वे आज भी बेधड़क चल रहे हैं।

“यह सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि SC छात्रों के भविष्य के साथ संगठित विश्वासघात है।”

SC पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप : वर्ष-वार तथ्य (संक्षेप)

📌 योजना का मूल तथ्य
• प्रायोजक: भारत सरकार (GOI)
• केंद्रीय अंश: 60% से 100%
• राज्य की जिम्मेदारी: समय पर भुगतान + निगरानी

📊 वर्ष-वार स्थिति (अनुमानित, आधिकारिक पैटर्न के अनुसार)

(वर्ष
लाभार्थी SC छात्र (लगभग)
कुल स्वीकृत राशि (₹ करोड़)
GOI का हिस्सा
पंजाब सरकार का हिस्सा
स्थिति
2016–17
4.5 लाख
~1200
60%
40%
देरी, शिकायतें
2017–18
4.7 लाख
~1300
60%
40%
भुगतान अटका
2018–19
4.3 लाख
~1100
60%
40%
संस्थानों ने पैसा रोका
2019–20
4.0 लाख
~1000
60%
40%
ड्रॉप-आउट शुरू
2020–21
3.6 लाख
~950
60–75%
शेष
COVID + कुप्रबंधन
2021–22
3.2 लाख
~900
75–100%
सीमित
कांग्रेस अंत
2022–23
3.0 लाख
~850
100% (विशेष सहायता)
नाममात्र
AAP सरकार
2023–24
~2.8 लाख
~800
100%)

प्रशासनिक देरी
SC छात्रों का नुकसान

लगातार देरी, भ्रष्टाचार और निगरानी की कमी के कारण लगभग 2 लाख SC छात्र शिक्षा प्रणाली से बाहर हो गए।

बड़ा सवाल
1. जब पैसा भारत सरकार दे रही है, तो CM मान श्रेय क्यों ले रहे हैं?
2. जिन संस्थानों ने SC छात्रों का पैसा खाया, उन पर FIR क्यों नहीं?
3. धर्मसोत केस में AAP सरकार ने अब तक क्या ठोस कार्रवाई की?

भाजपा का स्पष्ट संदेश

श्री लाधर ने कहा:

“SC समाज को भाषण नहीं, न्याय चाहिए।
कांग्रेस ने पैसा लूटा, AAP ने उसे ढकने का काम किया।
भाजपा ही वह ताकत है जो छात्रवृत्ति को ‘घोटाले’ से ‘अधिकार’ में बदलती है।”