
जालंधर |
भारतीय जनता पार्टी, पंजाब के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमित तनेजा ने नेता विपक्ष राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री श्री रवनीत सिंह बिट्टू को “गद्दार” कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इस बयान की तीखे शब्दों में निंदा की है। अमित तनेजा ने कहा कि यह टिप्पणी न केवल एक लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित जनप्रतिनिधि का अपमान है, बल्कि पूरी सिख क़ौम की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बयान है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
अमित तनेजा ने कहा कि सिख समाज का इतिहास देशभक्ति, बलिदान और राष्ट्र की रक्षा से भरा हुआ है। देश की सीमाओं पर सबसे आगे खड़े होकर बलिदान देने से लेकर हर राष्ट्रीय संकट में सेवा और समर्पण की मिसाल पेश करने वाला सिख समाज कभी भी देशद्रोह से नहीं जुड़ा रहा। ऐसे गौरवशाली समाज के प्रतिनिधि के लिए “गद्दार” जैसे शब्दों का प्रयोग करना राहुल गांधी की राजनीतिक अपरिपक्वता और सिख विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को 1984 के सिख नरसंहार को कभी नहीं भूलना चाहिए। उस काले अध्याय में हजारों निर्दोष सिखों की निर्मम हत्या हुई, माताओं-बहनों का अपमान हुआ और पूरे देश ने मानवता को शर्मसार होते देखा। आज तक कांग्रेस उस नरसंहार के लिए न तो नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर पाई है और न ही दोषियों को सजा दिला पाई है। जिस पार्टी के माथे पर 1984 का कलंक लगा हो, उसे सिख समाज की देशभक्ति पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
अमित तनेजा ने कहा कि श्री रवनीत सिंह बिट्टू ने राष्ट्रहित और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोपरि रखते हुए अपना राजनीतिक निर्णय लिया है। वैचारिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन असहमति को “गद्दारी” का नाम देना कांग्रेस की हताशा और कुंठा को उजागर करता है। यह भाषा न केवल राजनीतिक शालीनता के खिलाफ है, बल्कि समाज में नफरत और विभाजन फैलाने का काम भी करती है।
उन्होंने राहुल गांधी से मांग की कि वे अपने बयान के लिए तत्काल सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, साथ ही कांग्रेस नेतृत्व को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह सिख समाज के प्रति इस तरह की अपमानजनक सोच से स्वयं को अलग करता है या नहीं।
अंत में अमित तनेजा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सिख समाज के सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से खड़ी है। भाजपा राष्ट्रवाद, एकता और विकास की राजनीति करती है, जबकि कांग्रेस बार-बार अपमानजनक बयान देकर अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है, जिसे देश और पंजाब की जनता भली-भांति समझ चुकी है।