कर्मचारी भविष्य निधि संगठनने अपने सब्सक्राइबर्स के लिए एक सख्त चेतावनी जारी की है। ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई सदस्य पीएफ एडवांस  निकालने के लिए झूठा कारण बताता है और नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उससे निकाली गई राशि ब्याज समेत वसूल की जाएगी और उस पर अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है।ईपीएफओ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘के जरिए कहा है कि पीएफ की रकम केवल निर्धारित और वैध जरूरतों जैसे गंभीर बीमारी, शादी, उच्च शिक्षा या घर खरीदने/निर्माण के लिए ही निकाली जा सकती है। यदि कोई सदस्य बीमारी या शादी जैसे कारणों का गलत हवाला देकर पैसा निकालता है और बाद में जांच में यह दावा गलत साबित होता है, तो संगठन सख्त रिकवरी कार्रवाई करेगा।ईपीएफ स्कीम, 1952 के तहत ईपीएफओ को यह अधिकार प्राप्त है कि वह गलत तरीके से निकाली गई रकम पर दंडात्मक ब्याज  वसूल करे। यह ब्याज दर सामान्य पीएफ ब्याज से अधिक हो सकती है, जिससे सदस्य को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है।ईपीएफओ के मुताबिक, गलत जानकारी देकर पीएफ एडवांस निकालने वालों के खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई के तौर पर उनकी भविष्य की निकासी सेवाओं पर रोक लगाई जा सकती है। ऐसे मामलों में सदस्य अगले तीन साल तक किसी भी तरह का पीएफ एडवांस नहीं ले पाएंगे, या फिर जब तक वे पूरी राशि ब्याज समेत वापस जमा नहीं कर देते, तब तक उनकी निकासी सुविधा बंद रहेगी।