हंसराज महिला महाविद्यालय के प्रांगण में प्राचार्या डॉ. श्रीमती एकता खोसला के सुयोग्य नेतृत्व में आई.के.एस (इंडियन नॉलेज सिस्टम) के अन्तर्गत ‘उत्कर्ष माईड्स, पुणेÓ की सहभागिता में ‘वैदिक टैक्नीक्स फॉर गोल एंड पर्सनेलिटी मास्टरीÓ विषयक एकदिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यशाला के रिसोर्स पर्सन डॉ. श्रीकांत कालुर्कर, पूर्व प्रिंसीपल ए.ई.टी. अथर्वा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मुबई तथा डॉ. आनंद प्रकाश, एन.आई.सी. एम.आर. यूनिवर्सिटी, पुणे का स्वागत मंगल तिलक व ग्रीन प्लांटर के साथ विभिन्न पौधों के बीज भेंट कर किया गया। ज्ञान व आलोक की प्रतीक ज्योति प्रज्वल द्वारा कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। अपने स्वागत भाषण में डीन वैदिक अध्ययन समिति डॉ. ममता ने स्वामी दयानंद सरस्वती के ‘वेदों की ओर लौटोÓ नारे का उल्लेख करते हुए भारतीय ज्ञान परपरा को रेखांकित किया। कार्यशाला के विषय की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कार्यशाला की कन्वीनर डॉ. रमनीता सैनी शारदा ने कहा कि वेद हमारी पुरातन बौद्धिकता के प्रतीक है। उसी ज्ञान परपरा का लाभ उठाते हुए यह कार्यशाला छात्राओं के व्यक्तित्व, जीवन-चर्या व संबंधों में मधुरता लाने में सहायक होगा। उन्होंने बताया कि डी.ए.वी. संस्थाएं 1875 से दयानंद एंग्लोवैदिक के रूप में आधुनिकता के साथ वैदिक परपरा को साथ लेकर चल रही है। विद्वान स्रोतवक्ता प्रो. श्रीकांंत पी.कालुर्कर ने वैदिक परपरा का सुंदर निदर्शन-यज्ञ की महत्ता का •िाक्र करते हुए इसे शारीरिक-मानसिक आध्यात्मिक विकास का सूत्र बताया। उन्होंने छात्राओं को प्राणायाम के विभिन्न श्वासों-अयासों को कराते हुए बताया कि श्वास पर नियंत्रण करते हुए मन को नियंत्रित कर सकते हैं व इसके द्वारा जीवन के परम-संतोष की प्राप्ति संभव है। डॉ. आनंद प्रकाश ने संबंधों को सुधारने के लिए रिलेश्नशिप स्किलस की बात की, जिसमें उन्होंने वार्तालाप की कला, प्रशंसा की भावना, संवेदनशीलता, ईमानदारी, कर्त्तव्यशीलता पर बल दिया। विभिन्न अयासों की प्रश्नावली के द्वारा सभी को आत्म अवलोकन करते हुए जीवन की गुणवत्ता को सुधारने में मदद की बात की। कॉलेज द्वारा उत्कर्ष माईड्स, पुणे के साथ एम.ओ.यू. पर भी हस्ताक्षर किए गए। कार्यशाला का समापन डॉ. ज्योति गोगिया द्वारा आभार अभिव्यक्ति से हुआ। मंच संचालन डॉ. काजल पुरी ने किया। इस अवसर पर कार्यशाला की आयोजन सचिव डॉ. श्वेता चौहन, श्री प्रदीप मेहता, डॉ. रमा शर्मा, श्री गुलागोंग, डॉ. रविन्द्र मोहन जिंदल, डॉ. गगनदीप, श्री आशीष चड्डा, डॉ. मीनाक्षी दुग्गल मेहता, डॉ. मीनू तलवाड़, डॉ. साक्षी वर्मा, डॉ. जसप्रीत कौर, डॉ. वंदना ठाकुर भी उपस्थित थे।