
बठिंडा, फ़रवरी 11
पंजाब को एक महीने में नशा मुक्त करने के वायदे के साथ सत्ता में आई आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा पिछले चार सालों में नशा खत्म करने की 6 डेडलाइनें दी जा चुकी है पर सच यह है कि पंजाब में नशे की स्थिति पहले से बदतर हो गई है हर गाँव-शहर में और जेलों तक में धड़ल्ले से बिक रहा है। जमीनी हकीकत यह है कि रोज नशे से युवाओं की मौतें हो रही हैं, चिट्टा यहां बिकता है के बोर्ड लग रहे हैं और ड्रग्स की होम डिलीवरी होती है, यह कहना पंजाब भाजपा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा का जिन्होंने आज बठिंडा में पत्रकारवार्ता कर आप नेताओं द्वारा राज्यपाल के नशा विरोधी पेदल मार्च पर किए गए कटाक्ष पर पंजाब सरकार को आड़े हाथों लिया।
➖ चार साल में नशे से 15000 से 16000 मौतें हुई
मान के 46 महीने के शासन काल में 1600 के लगभग युवाओं की मौत का डाटा हमारे पास है पर नशे के कारण हुई मौतों की संख्या 15000 से 16000 के बीच हुई हैं , क्यूंकी बहुत से परिवार सामाजिक प्रतिष्ठा के कारण बताते नहीं है और पुलिस की भी कोशिश होती है एफआईआर दर्ज ना हो, ऐसे में सिर्फ दसवां हिस्सा ही सामने आ पाती हैं ।
➖ नशे के खिलाफ गंभीर नहीं आप सरकार
नशे के खिलाफ भगवंत मान की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल में आए चार अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस जोकि 26 जून 2022, 2023, 2024 व 2025 को थे पर एक भी बड़ा प्रदेश स्तरीय नशा विरोधी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया, इतना ही नहीं न तो खुद मुख्यमंत्री निवास से लाइव हुए और नाही एक विज्ञापन तक भी जारी नहीं किया। ऐसे लगता है अब पूरी आम आदमी पार्टी को सांप सूंघ गया है।
➖ भयानक रूप धारण कर चुका है नशा
शर्मा ने कहा कि नशे का रूप पंजाब इतना भयावह हो गया है कि इसकी चपेट में सिर्फ युवा लड़के ही नहीं बल्कि 10 से 12 साल के बच्चे, लड़कियां और गर्भवती महिलाएं भी तेजी से आ रही हैं। नशे के लिए नशेड़ी अपने परिवार वालों को मार रहे हैं और दूध पीते बच्चे को दीवार पर पटक कर मार रहे है । नशे के कारण पूरे के पूरे परिवार खत्म हो गए और उनके घरों पर ताले लग गए हैं। एक माँ के 6 बेटे नशे की भेंट चड़ गए, यह उड़ता पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत को क्यों नहीं दिखता है।
➖चिट्टे की होम डिलीवरी कर रहे बेखौफ तस्कर
शर्मा ने आगे कहा कि नशा इतने खुले रूप में मिलता है कि चिट्टा यहां बिकता है के बोर्ड लग रहे हैं, शराब के आहते की तरह अब चिट्टे के आहते बन गए हैं। चिट्टे की होम डिलीवरी हो रही है। राशन लेने के लिए लगने वाली लाइनों की तरह अब चिट्टा खरीदने के लिए लोग लाइनें लगा रहे है।
➖पुलिस से बेखोफ नशा तस्कर, जान लेने से भी नहीं झिजकते
नशा रोकने वालों नशे तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि नशा तस्कर ना सिर्फ नशे का विरोध करने वालों पर हमला करते हैं, उनके घरों पर गोलियां दागते हैं, परिजनों को जान से मार देते है। इतना ही नहीं कई मामले ऐसे हैं अब नशा तस्कर पुलिस पर भी हमला करने या उन्हें जान से मारने से नहीं डरते है।
➖मुख्यमंत्री बताएं अब कौन बिकवा रहा नशा
आखिर में शर्मा ने कहा कि जब मुख्यमंत्री भगवंत मान जी और केजरीवाल जी पंजाब की सत्ता पर काबिज नहीं थे तो अक्सर कहते थे कि सत्ता के लोग ( पहले अकाली फिर कांग्रेस ) नशा बिकवाते हैं तो अगर आप के उसी फार्मूले को आज के संदर्भ में लागू करें तो अब पंजाब में आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, नेता क्या नशा बिकवा रहे हैं जो नशा तस्कर बेखौफ होकर पंजाब में मौत बांट रहे हैं।