चंडीगढ़, 13 फरवरी

भारतीय जनता पार्टी पंजाब के अध्यक्ष सुनील जाखड़ और राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ के नेतृत्व में पंजाब की शैलर, आढ़तिया एवं आटा मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव दयाल सिंह सोढ़ी और स्टेट सेल इंचार्ज रंजन कमरा भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने संगठनों की लंबित मांगों को शीघ्र हल करने की अपील की।

इस अवसर पर सुनील जाखड़ ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने सभी मांगों को सहानुभूतिपूर्वक सुना और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ये सभी हितधारक पंजाब के कृषि क्षेत्र और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा कुछ समस्याओं का समाधान पंजाब सरकार को अपने स्तर पर करना हे ।

श्री जाखड़ ने कहा कि राज्य सरकार की फोर्टिफाइड चावल संबंधी नीति से शैलर मालिकों को परेशानी हो रही है। खरीफ विपणन सीजन 2025–26 के दौरान पंजाब के राइस मिलरों को केंद्रीय पूल के तहत वितरण के लिए भारतीय खाद्य निगम (FCI) को लगभग 105 लाख मीट्रिक टन (LMT) चावल सौंपना है। इनमें से लगभग 85 LMT चावल फोर्टिफाइड चावल के रूप में देना है, जिसके लिए फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) की आवश्यकता होती है।

राज्य सरकार FRK निर्माताओं के पैनल हेतु टेंडर जारी करती है और उनसे FRK खरीदकर राइस मिलरों को फोर्टिफिकेशन के लिए चावल में मिलाने हेतु उपलब्ध कराती है।

उन्होंने कहा कि 5,000 से अधिक राइस मिलरों में व्यापक असंतोष, चिंता और रोष है क्योंकि उन्हें समय पर FRK उपलब्ध नहीं हो रहा है, जिससे वे समय पर चावल की आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। आने वाले गर्म महीनों में अक्टूबर 2025 से संग्रहित धान को उच्च गुणवत्ता वाले चावल में परिवर्तित करना कठिन हो सकता है, जिससे आर्थिक नुकसान की आशंका है।

इसलिए प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि चूंकि केंद्र सरकार के पास अगले दो वर्षों की वितरण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में फोर्टिफाइड चावल उपलब्ध है, इसलिए पंजाब को कम से कम 20–25 LMT CMR कोटा, जिसमें 25% टूटा चावल शामिल हो, आवंटित किया जाए ताकि FRK की आपूर्ति पर दबाव कम किया जा सके।

इसके अतिरिक्त उन्होंने मांग की कि:

• खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) को अपनी प्रयोगशालाओं में FRK की जांच प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए जाएं ताकि FRK समय पर उपलब्ध हो सके। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाए।
• पंजाब से चावल की निकासी की नियमित निगरानी की जाए ताकि उठान में तेजी आए और नई आपूर्ति के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो।
• भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए FRK की खरीद दर के तार्किक निर्धारण हेतु स्थायी तंत्र की घोषणा की जाए।
• सभी FCI डिपो पर ऑटोमैटिक ग्रेन एनालाइजर (AGA) मशीनें लागू की जाएं ताकि अनाज की गुणवत्ता सुनिश्चित हो, मानवीय हस्तक्षेप कम हो और भ्रष्टाचार पर रोक लगे।
• केंद्र द्वारा चावल के लिए निर्धारित मजदूरी और ढुलाई शुल्क का भुगतान मिलों को सुनिश्चित किया जाए।

आढ़तिया एसोसिएशन की मांगों पर बोलते हुए कहा गया कि राज्य में 50,000 से अधिक आढ़तिए मंडी ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन उनका कमीशन स्थिर (फिक्स) कर दिए जाने से उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि महंगाई और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। आढ़तियों का 2.5% कमीशन बहाल करने की मांग की गई। इसके साथ ही FCI द्वारा EPF के नाम पर रोके गए 50 करोड़ रुपये जल्द जारी करने तथा वर्ष 2023–24 के लंबित कमीशन का भुगतान शीघ्र करने की भी मांग की गई।

फ्लोर मिल एसोसिएशन ने भी अपनी समस्याएं केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखीं।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने पार्टी अध्यक्ष का निमंत्रण स्वीकार करते हुए जल्द पंजाब आने का आश्वासन भी दिया।