एपीजे कॉलेज ऑफ़ फाइन आर्ट्स, जालंधर अपने संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय डॉ. सत्यपाल जी और एपीजे एजुकेशन की अध्यक्ष डॉ. सुषमा पाॅल बर्लिया के निरंतर नेतृत्व में एक तरफ विद्यार्थियों के अकादमिक, सांस्कृतिक और नैतिक विकास का ध्यान रखता है और दूसरी तरफ, हमेशा उनकी मानसिक सेहत का भी महत्व देता है। एपीजे कॉलेज ऑफ़ फाइन आर्ट्स, जालंधर के साइकोलॉजी विभाग ने दो दिन का साइकी फिएस्टा 2026 आयोजित किया। साइकी फिएस्टा के पहले दिन कॉलेज के सभी विद्यार्थियों के लिए साइकोलॉजी से जुड़े क्विज़ कॉम्पिटिशन, मेंटल हेल्थ से जुड़े टॉपिक पर पोस्टर मेकिंग, ओपन माइक कॉम्पिटिशन आयोजित किए गए, जिसमें कॉलेज के विद्यार्थियों ने बड़े जोश के साथ हिस्सा लिया। डॉ. नीरजा ढींगरा ने इस मौके पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इन्फॉर्मेशन सिस्टम और कॉम्पिटिशन के ज़माने में ज़्यादातर युवा तनाव और डिप्रेशन से जूझ रहे हैं और वे मानसिक सेहत के महत्व से अनजान हैं। उन्हें मानसिक सेहत के महत्व के बारे में जागरूकता की बहुत ज़रूरत है। यह फिएस्टा उनके लिए सच में फायदेमंद होगा। फिएस्टा के दूसरे दिन साइकोलॉजिकल टेस्ट के तहत साइकोलॉजी विभाग की विद्यार्थी भवलीन और अक्षप्रीत ने एंग्जायटी, मान्या और भूमिका ने लाइफ सैटिस्फैक्शन, वंशिका और सांची ने स्ट्रेस, मारिया, पीयूष ने लाइफ स्किल्स और स्मिता और हरसिमर ने कॉलेज के विद्यार्थियों और फैकल्टी मेंबर्स की मानसिक सेहत का मूल्यांकन करने के लिए टेस्ट किए। इस तरह सभी को अपने वास्तविक स्वभाव से परिचित करवाया गया। इस अवसर पर मशहूर साइकोलॉजिस्ट काउंसलर अनंत प्रीत कौर और प्रणवचित कौर मौजूद थे।उन्होंने विद्यार्थियों की समस्याएं सुनीं और उन्हें काउंसलिंग दी और उन्हें जीवन में सकारात्मक मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस फिएस्टा में साइकोलॉजिकल टेस्टिंग और काउंसलिंग के अलावा आर्ट थेरेपी, ग्राफो थेरेपी, मेडिटेशन, साइकोलॉजिकल गेम्स के स्टॉल और फोटो बूथ भी लगाए गए, ताकि विद्यार्थी अपनी मानसिक सेहत से जागरूक होने के साथ-साथ मनोरंजन भी कर सकें। डॉ. नीरजा ढींगरा ने विजेता विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया और साइकी फिएस्टा के सफल आयोजन के लिए साइकोलॉजी विभाग की मैडम निहारिका और मैडम हरप्रीत कौर के प्रयत्नों की सराहना की।