दिल्ली : भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी यूआईडीएआई ने आधार उपयोगकर्ताओं के लिए एक नया और आधुनिक मोबाइल ऐप पेश किया है। यह ऐप पुराने mAadhaar ऐप का उन्नत संस्करण है, जिसे खास तौर पर लोगों की सुविधा, डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी को प्राथमिकता देते हुए तैयार किया गया है। यह केवल डिजिटल आधार कार्ड दिखाने का माध्यम नहीं है, बल्कि अब यह एक तरह से डिजिटल पहचान वॉलेट की तरह काम करेगा।इस नए ऐप को भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन कानून के सिद्धांतों के अनुरूप डिजाइन किया गया है, ताकि उपयोगकर्ताओं का निजी डेटा पूरी तरह सुरक्षित रह सके। ऐप में कई ऐसे फीचर्स जोड़े गए हैं, जिनसे आधार से जुड़े काम अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और सुरक्षित हो जाएंगे।नए ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब एक ही स्मार्टफोन पर परिवार के पांच सदस्यों तक के आधार प्रोफाइल जोड़े और मैनेज किए जा सकते हैं। पहले हर सदस्य को अपने-अपने मोबाइल में ऐप रखना पड़ता था, लेकिन अब एक परिवार एक ऐप की सुविधा मिल गई है। इससे बुजुर्गों और बच्चों के आधार को संभालना भी आसान होगा।अब आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर या पता बदलवाने के लिए आधार केंद्र के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। नए ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए घर बैठे ही ये जानकारी अपडेट की जा सकती है। इसके लिए मामूली शुल्क, लगभग 75 रुपये तय किया गया है। यह सुविधा उन लोगों के लिए राहत भरी है, जो लंबी लाइनों और समय की कमी से परेशान रहते हैं।इस ऐप में सेलेक्टिव डेटा शेयरिंग की सुविधा दी गई है। इसका मतलब है कि अब किसी को पूरा 12 अंकों का आधार नंबर बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप केवल उतनी ही जानकारी साझा कर सकते हैं, जितनी जरूरी हो, जैसे सिर्फ फोटो या उम्र। बाकी जानकारी छिपी रहेगी। इससे डेटा के गलत इस्तेमाल की संभावना कम हो जाती है।