
दिल्ली: अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा ने आज 2 अप्रैल दिन गुरुवार को अपना मून मिशन आर्टेमिस-2 मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। सुबह 4:05 बजे ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ के जरिए ओरियन स्पेसक्राफ्ट को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से चंद्रमा की ओर भेजा गया। मिशन में 4 अंतरिक्ष यात्री रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन अतंरिक्ष में गए हैं, जो 10 दिन चंद्रमा का चक्कर लगाने के बाद लौट आएंगेबता दें कि 1972 में अपोलो-17 मिशन के 54 साल बाद इंसान चांद की यात्रा पर गया है। 1972 के मून मिशन के बाद पहली बार इंसान पृथ्वी की निचली कक्षा को पार करके चांद के करीब जाएगा। 10 दिन चक्कर लगाकर ओरियन स्पेसक्राफ्ट की टेस्टिंग करेगा और वापस लौट आएगा। इस मिशन का मकसद ही मंगलयान और आर्टेमिस-3 मिशन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ओरियन स्पेसक्राफ्ट को टेस्ट करना है और इसके ‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम’ को जांचना है।बता दें कि मिशन को लॉन्च करने से 60 मिनट पहले ‘लॉन्च अबॉर्ट सिस्टम’ में खराबी आ गई थी। यह वह सिस्टम है, जिसकी मदद से स्पेसक्राफ्ट में कोई भी खराबी आने पर अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित बाहर निकल सकते हैं। इसमें खराबी आने से इंजीनियर टेंशन में आ गए थे, लेकिन समस्या को ठीक कर लिया गया। इसलिए मिशन 10 मिनट की देरी से लॉन्च हुआ। जब रॉकेट और स्पेस्क्राफ्ट से जुड़े इंजीनियर्स का ओके आया, तब मिशन को लॉन्च करने का काउंटडाउन शुरू किया गया