जालंधर: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), जालंधर द्वारा मंगलवार को एक स्थानीय होटल में फोर्टिस हॉस्पिटल के सहयोग से कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (CME) सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ डॉक्टरों और मेडिकल प्रोफेशनल्स ने भाग लिया।
सत्र की शुरुआत IMA के अध्यक्ष डॉ. धीरज भाटिया के स्वागत भाषण से हुई। सचिव डॉ. गुरदेव सिंह ने उपस्थित सदस्यों को एसोसिएशन की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी और अतिथि वक्ताओं का परिचय करवाया।
प्रसिद्ध रूमेटोलॉजिस्ट डॉ. अंकुश पी.एम. ने “When Self Turns Stranger: Understanding Autoimmune Diseases” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि जागरूकता की कमी के कारण ऑटोइम्यून बीमारियों का निदान अक्सर देर से होता है, जो मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि गठिया, जोड़ों में दर्द, बार-बार गर्भपात, आंखों में सूखापन और लगातार थकान जैसे लक्षण ऑटोइम्यून रोगों के संकेत हो सकते हैं। उन्होंने समय पर जांच और इलाज की आवश्यकता पर जोर दिया।
दूसरे अतिथि वक्ता, ऑर्थोपेडिक एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. आर.आर. सग्गर ने “Why Robotic Knee Replacement” विषय पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रोबोटिक घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी पारंपरिक तरीकों की तुलना में अधिक सटीक होती है, इसमें हड्डी की कटाई कम होती है, ऊतकों को कम नुकसान पहुंचता है, खून की हानि नगण्य होती है और मरीज जल्दी ठीक हो जाता है। उन्होंने इंटरैक्टिव सत्र के दौरान श्रोताओं के प्रश्नों के उत्तर भी दिए।
इस अवसर पर डॉ. विजय महाजन, डॉ. सी.पी. सिक्का, डॉ. कपिल गुप्ता, डॉ. सुषमा चावला, डॉ. दिलबंस सिंह पंधेर, डॉ. विजयपाल सिंह सिद्धू, डॉ. पवन गुप्ता, डॉ. वी.पी. शर्मा, डॉ. जे.पी. सिंह, डॉ. पंकज पॉल, डॉ. आर.एस. बाल, डॉ. जंगप्रीत सिंह मल्तानी, डॉ. अनुपमा चोपड़ा, डॉ. अभिषेक सचर, डॉ. विनीत महाजन, डॉ. नरेंद्र पाल और डॉ. रिपन मिगलानी सहित अन्य प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में IMA के सदस्यों द्वारा अतिथि वक्ताओं को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।