
दिल्ली: हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को 10 महाविद्याओं में से एक देवी बगलामुखी को समर्पित बगलामुखी जयंती मनाई जाती है इस बार आज 24 अप्रैल 2026, वार शुक्रवार को बगलामुखी जयंती का पर्व मनाया जा रहा है मान्यता है कि बगलामुखी जयंती के दिन पूजा-पाठ और व्रत रखने से बुरी शक्तियों से मुक्ति मिलती है. साथ ही शत्रुओं और बाधाओं का नाश होता है हालांकि, कुछ लोग कई विशेष कार्य में सफलता पाने के लिए भी देवी बगलामुखी यानी माता पीताम्बरा एवं मां ब्रह्मास्त्र की उपासना करते हैं पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सत्ययुग में एक दिन अत्यन्त भीषण चक्रवात सम्पूर्ण पृथ्वी को नष्ट करने में लगा था, जिससे बचने के लिए जगत के पालनहार भगवान विष्णु कठोर तपस्या में लीन हो गए विष्णु जी की कड़ी तपस्या से देवी महात्रिपुरा प्रसन्न हुईं और भीषण चक्रवात को शांत कर दिया इसके बाद देवी महात्रिपुरा ने सृष्टि पर भ्रमण करने की योजना बनाई भ्रमण करते-करते देवी हरिद्रा सरोवर पर पहुंच गई, जिसमें उन्होंने जलक्रीड़ा भी की सरोवर के पास सौराष्ट्र नामक स्थान था, जहां पीले सरोवर में उनके हृदय से देवी बगलामुखी का स्वरूप प्रकट हुआ