जालंधर: सनातन का अर्थ है सदा रहने वाला। परमपिता परमेश्वर सनातन हैं और वह एक हैं। ईश्वरीय सत्ता में श्रद्धा तथा विश्वास रखने वाला तथा सम्पूर्ण प्राणीमात्र को उस एक ईश्वर का ही अंश मानने वाला प्रत्येक मनुष्य सनातन धर्मी है। ईश्वर एक है और उस ईश्वर के प्रति सच्ची निष्ठा का भाव ही सनातन है।जो तत्त्व सर्वदा निर्लेप, निरञ्जन, निर्विकार और सदैव स्वस्वरूप में अवस्थित रहता है, उसे शाश्वत सनातन कहते हैं। वेद से, धर्मशास्त्रों से तथा परम्परा प्राप्त शिष्टाचार से अनुमोदित जो धर्म है, उसे ही सनातन धर्म कहते हैं। इस लिए सनातन धर्म का विधान हर युग हर काल में अपरिवर्तित है। वैदिक श्री सत्य सनातन धर्म के प्रति अपनी श्रद्धा एवं निष्ठा प्रकट करते हुए तथा विश्व में शांति एवं सद्भावना की कामना के उद्देश्य से हो रहे श्री सनातन धर्म समिति पंजाब की ओर से चतुर्दश श्री सनातन धर्म सम्मेलन आज श्री लक्ष्मीनारायण मन्दिर माडल हाऊस जालन्धर में सम्पन्न हुआ। जिसमें पधारे हुए विद्वतगणों ने मानवीय संस्कृति के उत्थान के लिये उपयोगी शाश्वत सिद्धांतों पर अपने व्याख्यान दिए। सर्वप्रथम ज्योति प्रज्वलित कर मंत्र उच्चारण से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित ब्राह्मण समाज द्वारा विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ किया गया। श्री राधा रमन मंडल के समीर शर्मा एवं साथियों द्वारा मधुर हरि नाम संकीर्तन किया गया। पं केवल कृष्ण शर्मा ने कहा कि सनातन सिद्धांतों की उपयोगिता हर देश हर काल में सिद्ध होती है। पधारे संत समाज में महामंडलेश्वर स्वामी शांतानंद जी, महंत स्वामी आत्म ज्योति जी, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरविन्द धूमल, स्वामी आत्म प्रकाशानंद गिरी जी, पं विजय शास्त्री पं कमलेश शास्त्री, पंडित मेघराज शास्त्री, प्रो सोमनाथ शर्मा ने श्री सनातन धर्म पर अपने वक्तव्य में कहा कि सनातन धर्म को अपनाने से हमारी संस्कृति की रक्षा होगी। इस अवसर पं दीनदयाल शास्त्री, पं हरि प्रसाद, पं रोहित शर्मा, पं गिरिजेश शुक्ला, अभी पांडे, विशाल शुक्ला, पंडित कैलाश नाथ पांडे, पंडित अनिल शुक्ला संत मीनू जी, इंदु देवी जी शामिल हुए। वक्ताओं की ओर से गौ रक्षा के लिए तथा पंजाब में हो रहे धर्म परिवर्तन पर चिंता व्यक्त की गई।
इस अवसर पर श्री सनातन धर्म समिति पंजाब के संस्थापक अध्यक्ष रविशंकर शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन में समानता, सद्भावना और सबके कल्याण की भावना तथा राग द्वेष से रहित होकर सबके प्रति सम्मान की भावना का भाव है। सनातन के प्रति किसी के मन में भी कोई संशय नहीं होना चाहिए। सनातन संस्कृति मानव को मानव से जोड़ने वाली संस्कृति है।हमारे पुराण हमारी गौरवमयी सनातन संस्कृति के इतिहास के साक्ष्य हैं। अपने इतिहास को विस्मृत कर हम कैसे अपनी सनातन संस्कृति का रक्षण कर पाएंगे। श्री शर्मा ने कहा कि आज हमारे समाज की सबसे बड़ी समस्या यह है कि हम मार्गदर्शन को महत्व नहीं देते। अर्जुन और दुर्योधन दोनों भगवान श्री कृष्ण जी से सहायता मांगने गए। दुर्योधन ने नारायणी सेना मांगी और अर्जुन ने भगवान श्री कृष्ण को। अर्जुन के पास विवेक था। वे जानते थे कि जहां भगवान श्री कृष्ण का मार्गदर्शन होगा वहां विजय निश्चित है। वह मार्गदर्शन अर्जुन को महाभारत के युद्ध के प्रारंभ होने से पहले मिला, भगवद् गीता के रूप में। सच्चा मार्गदर्शन वही है जिससे हमारे धर्म की रक्षा हो। श्री शर्मा ने कहा कि सत्य सनातन धर्म विशुद्ध मानवीय धर्म है। मानवता की रक्षा तभी होगी जब विश्व में शांति और अभय का वातावरण होगा,जिसमें हिंसा का कोई स्थान नहीं है और युगों युगों से विश्व कल्याण को समर्पित श्री सत्य सनातन धर्म भारत भूमि पर प्रतिष्ठित है। समिति के अध्यक्ष रवि शंकर शर्मा की ओर से मंदिर कमेटी के प्रधान पं दिनेश शर्मा को उनके द्वारा सहयोग प्रदान करने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व विधायक के.डी. भंडारी, किशन लाल शर्मा, पंडित प्रभात शर्मा,पूर्व सी. डिप्टी मेयर सुरेंद्र कौर, पार्षद पवन कुमार, पूर्व पार्षद ओंकार टिक्का, पार्षद तरसेम लखोत्रा, पार्षद राजीव ढींगरा, पार्षद अजय बबल, पार्षद कुंवर सरताज सिंह, मनोज नन्हा,बाज़ार शेखा के प्रधान जस्विंदर सिंह सचदेवा, के.एल. सिंगला, भूपेंद्र नारंग, राजेश खोसला, बृज नारंग, विक्रम शर्मा, सुरेंद्र छिंदा, विनय शर्मा, संजीव वर्मा, वरुण शर्मा, मनोज शर्मा, संजीव धवन, नरेश कुमार, विक्रम महाजन, रजनीश कुमार, हरजीवन गोगना, डा रजनीश आनन्द, नरेश शर्मा, गुलशन सभ्रवाल, कुलविंदर हीरा, राजा धामी, उर्मिल कपूर, एम.पी शर्मा, खयाल चंद, सोनू आहूजा, अशोक शर्मा, शांति शर्मा, नीलम वर्मा, सुरेंद्र शर्मा,वरिंदर मल्होत्रा, अनिल मल्हन, अशोक भारद्वाज, रोशन लाल, कुलदीप राय, संजीव जैन, राजेश वर्मा, जोगिंदर पाल शर्मा, हरिंदर शर्मा, मदन अरोड़ा, हरीश बत्रा,हरिश शर्मा, देविंदर शर्मा, सतपाल शर्मा, हितेश , मनोज कालिया, रवि शर्मा, विशाल शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, संजीव शर्मा, उपस्थित हुए।
मंच संचालन समिति के पश्चिमी क्षेत्र के संयोजक हेमन्त शर्मा द्वारा किया गया तथा उनके द्वारा आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समिति केंद्रीय संयोजक राहुल बाहरी तथा जिला महामंत्री अशोक शर्मा, श्याम सुन्दर शर्मा, विजय सेठी, यश पहलवान,संदीप खोसला, जुगल जोशी,रामकृष्ण सैनी, गुरबचन सिंह,चेतन वालिया द्वारा विशेष भूमिका निभाई गई।