दिल्ली: भारतीय रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लगातार कदम उठा रही है। संवेदनशील रूटों पर ट्रेनों की निगरानी बढ़ाई गई है और जरूरत पड़ने पर सरकारी रेलवे पुलिस तथा रेलवे सुरक्षा बल की तैनाती की जाती है। इसके अलावा यात्रियों की मदद के लिए 24×7 रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 और सोशल मीडिया के माध्यम से भी तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जाती है। सुरक्षा के इन प्रयासों के साथ-साथ यात्रियों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें। छोटी-सी लापरवाही भी कई लोगों की जान जोखिम में डाल सकती है। इन्हीं नियमों में एक महत्वपूर्ण नियम ट्रेन में इलेक्ट्रिक उपकरणों के इस्तेमाल से जुड़ा है। ट्रेन में भारी इलेक्ट्रिक उपकरणों के उपयोग पर रोक अक्सर देखा जाता है कि कुछ यात्री मोबाइल और लैपटॉप चार्ज करने के अलावा इलेक्ट्रिक केतली, इंडक्शन चूल्हा, हीटर या प्रेस जैसे उपकरणों का इस्तेमाल करने लगते हैं। हाल ही में एक वीडियो सामने आया था जिसमें एक महिला ट्रेन में इलेक्ट्रिक केतली से खाना बनाती दिखी थी। इस घटना के बाद रेलवे ने स्पष्ट किया कि इस तरह के उपकरणों का इस्तेमाल नियमों के खिलाफ है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ये उपकरण ज्यादा बिजली खपत करते हैं। इससे शॉर्ट सर्किट, आग लगने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और एसी या अन्य इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि ट्रेन के अंदर ऐसे हाई-वोल्टेज या हाई-लोड उपकरण चलाने की अनुमति नहीं है।