एपीजे स्कूल, रामा मंडी ने राजेश्वरी कला उत्सव को बड़े कलात्मक कौशल के साथ मनाया गया । श्री राजेश्वरी पॉल जी , स्वर्गीय डॉ सत्य पॉल की पत्नी , जिन्हें प्यार से सभी ‘माता जी’ कहते थे l वह एक महान कलाकार थी l श्रीमती राजेश्वरी पॉल जी का 102 वां जन्मउत्सव प्रधानाचार्य श्री ए. के .शर्मा जी के नेतृत्व अधीन और उप प्रधानाचार्य श्रीमती लवलीन बग्गा जी के दिशा निर्देश में बहुत श्रद्धा पूर्वक और बड़े सुचारू रूप से मनाया गया l जो वास्तव में मैडम राजेश्वरी पॉल जी का नृत्य, संगीत, मूर्तिकला, कला और पेंटिंग के प्रति प्रेम को दर्शाता हैं। राजेश्वरी कला उत्सव की शुरुआत कला प्रदर्शनी से हुई, जिसमें छात्रों द्वारा तैयार की गई बहुत सुंदर और अद्भुत कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया। तत्पश्चात श्रीमती राजेश्वरी पॉल जी को प्रधानाचार्य, उप-प्रधानाचार्य, अध्यापक गण और छात्रों द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। उनके पसंदीदा भजन सभागार में गुंजायमान हो गए और हर एक ने माता जी को नतमस्तक होकर भावभीनी श्रद्धांजलि और श्रद्धा सुमन अर्पित कर की। विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का आरंभ सर्वप्रथम ज्योति प्रज्वलित कर श्रीमती राजेश्वरी पॉल जी के पसंदीदा भजनों को बड़ी मधुरता के साथ किया गया प्रस्तुत किया, विद्यार्थियों ने क्लासिकल नृत्य में वंदना प्रस्तुत कर समय को खूब अच्छे से बांधा। दसवीं कक्षा की छात्रा ने श्रीमती राजेश्वरी पॉल जी को समर्पित नारी सशक्तिकरण के ऊपर कविता प्रस्तुत की और नारी सशक्तिकरण पर एक लघु नाटिका माइम के रूप में प्रस्तुत की गई l
प्रिंसिपल सर ने छात्रों को मैडम राजेश्वरी पॉल की महानता और बताया कि कला हमारे जीवन कितनी महत्वपूर्ण है उस पर प्रकाश डाला, जो उन्हें भीड़ से अलग खड़ा करती थी। अंत मैं उन्होंने प्रेसिडेंट मैडम श्रीमती सुषमा पॉल बर्लीया जी का अपनी माता जी के प्रति सम्मान और प्रेम व्यक्त करता हुआ संदेश पर पढ़ा वाइस प्रिंसिपल श्रीमति लवलीन बग्गा जी ने समारोह से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को एक औपचारिक धन्यवाद प्रस्तुत किया- इस कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी को धन्यवाद किया।