दिल्ली: केंद्र सरकार ने दवा कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर , 2013 में अहम बदलाव किए हैं। अब ज़्यादा कीमत वसूलने के मामलों में दवा बनाने वाली कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए, केंद्र सरकार ने ‘ड्रग्स ऑर्डर, 2013’ में संशोधन किया है। इसके तहत, कंपनियों की जिम्मेदारी सिर्फ उस स्टॉक की मात्रा तक ही सीमित होगी जिसे डिस्ट्रीब्यूटर या रिटेलर ने तय अधिकतम कीमत से ज़्यादा पर बेचा हो, बशर्ते कंपनी यह साबित कर सके कि उसने कीमत की जानकारी देने से जुड़े तय नियमों का पालन किया है।यह संशोधन 30 जून 2026 को गजट नोटिफिकेशन के जरिए जारी किया गया, जिसे अब आधिकारिक रूप से लागू कर दिया गया है। इसे केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने जारी किया है।नए नियमों के अनुसार, अब अगर किसी दवा की तय अधिकतम कीमत से ज्यादा कीमत पर बिक्री होती है, तो कंपनी पर उतनी ही मात्रा की जिम्मेदारी होगी जितनी वास्तव में अधिक कीमत पर बेची गई है। पहले कंपनियों पर पूरे स्टॉक के आधार पर कार्रवाई हो सकती थी, लेकिन अब यदि कंपनी यह साबित कर दे कि उसने सभी डीलरों और रिटेलरों को सही कीमत की जानकारी दी थी, तो उसकी जिम्मेदारी सीमित हो जाएगी। इससे कंपनियों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ कम होगा।