मथुरा : उत्तर भारत खाप पंचायतें एक बार फिर अपने फैसलों को लेकर चर्चा में हैं। मथुरा, बागपत, जालोर और मुजफ्फरनगर में हाल ही में खाप पंचायतों ने ऐसे फैसले सुनाए हैं, जिनका सीधा असर शादियों, मोबाइल फोन के इस्तेमाल, पहनावे और लिव-इन रिलेशनशिप पर पड़ा है। पंचायतों का कहना है कि ये कदम सामाजिक अनुशासन और पारंपरिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए जरूरी हैं, लेकिन इन फैसलों को लेकर लोगों के बीच बहस और विरोध भी तेज हो गया है। इसी कड़ी में मथुरा में खाप पंचायत का नया ऐलान सामने आया है, जिसने मुस्लिम शादियों से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया है।मथुरा की खाप पंचायत ने मुस्लिम समुदाय की शादियों को लेकर नए नियम जारी किए हैं। पंचायत के अनुसार अब शादी समारोह में डीजे बजाने पर रोक रहेगी। यदि किसी शादी में डीजे बजाया गया तो मौलाना निकाह नहीं पढ़ेंगे। इसके साथ ही मैरिज होम में निकाह करने की अनुमति भी नहीं होगी, निकाह केवल तय धार्मिक और पारंपरिक तरीके से ही संपन्न कराया जाएगा। इसके अलावा पंचायत ने सलामी, महंगे उपहार और आतिशबाजी पर भी रोक लगाने का फैसला किया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। पंचायत का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य शादियों को सादा, कम खर्चीला और परंपरागत बनाना है।