
उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में विकास की एक बड़ी लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। निर्माणाधीन नेशनल हाईवे-124D पर सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने के कारण 30 वर्षीय रविंद्र पासवान की 8 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर मौत हो गई। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्यदायी संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के जलालाबाद गांव के रहने वाले रविंद्र पासवान महज दो महीने पहले ही सऊदी अरब से अपने घर लौटे थे। किसी ने सोचा भी नहीं था कि जिस सड़क के बनने का इंतज़ार पूरा इलाका कर रहा है, वही सड़क उनके लिए काल बन जाएगी। शहीद वीर अब्दुल हमीद चौक के पास अंडरपास बनाने के लिए 8 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। मौके पर न तो कोई बैरिकेडिंग थी, न कोई चेतावनी बोर्ड और न ही रात में रोशनी का इंतज़ाम। रविंद्र बाइक से जा रहा था, तभी सामने से आ रहे वाहन को बचाने के चक्कर में उनका संतुलन बिगड़ा और वह सीधा उस गहरे गड्ढे में जा गिरा।हादसे के बाद रविंद्र के नाक और मुंह से भारी खून बहने लगा। दुखद बात यह रही कि मदद पहुंचने में करीब 30 मिनट की देरी हुई। बाद में ग्रामीणों और पुलिस ने मिलकर उन्हें बाहर निकाला और मऊ जिला अस्पताल भेजा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।