
जालंधर, 7 जुलाई: संसदीय वाद-विवाद और लोकतांत्रिक सहभागिता में उत्कृष्टता की अपनी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए डीएवी कॉलेज जालंधर ने 17वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में प्रथम उपविजेता ट्रॉफी हासिल की। यह प्रतियोगिता भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम, संसद भवन, नई दिल्ली में आयोजित की गई थी।
इस भव्य समारोह में श्री अर्जुन राम मेघवाल, माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), विधि एवं न्याय तथा संसदीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागी टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए युवा संसद को स्वस्थ लोकतंत्र की प्रशिक्षणशाला बताया और कहा कि यह मंच विद्यार्थियों में सार्थक वाद-विवाद तथा लोकतांत्रिक भागीदारी की भावना को जीवित रखता है।
यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी प्राचार्य डॉ. अनुप कुमार ने डॉ. दिनेश अरोड़ा, डॉ. नवजीत शर्मा और प्रो. शरद मनोचा के साथ प्राप्त की। उनके साथ कॉलेज के आठ श्रेष्ठ युवा सांसद — आशीमा अरोड़ा, भवनीत सिंह, अक्षित गुप्ता, काव्या, दिविशी वर्मा, तुषार चड्ढा, अंशिका शर्मा और मातंगी तिवारी — भी उपस्थित थे।
इस उपलब्धि के साथ डीएवी कॉलेज जालंधर ने अपने गौरवशाली इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। यह देश का एकमात्र कॉलेज है जिसने राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता तीन बार जीती है और चार बार प्रथम उपविजेता रहने का गौरव प्राप्त किया है। यह नवीन उपलब्धि लोकतांत्रिक मूल्यों, वाक्पटुता और नेतृत्व क्षमता से युक्त जागरूक युवाओं को तैयार करने में कॉलेज की राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करती है।
संसदीय कार्य मंत्रालय पिछले 29 वर्षों से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के लिए युवा संसद प्रतियोगिताओं का आयोजन करता आ रहा है। इसी श्रृंखला के अंतर्गत 17वीं प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर के 51 विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों ने भाग लिया।
युवा संसद कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी में आत्मानुशासन, विभिन्न मतों के प्रति सहिष्णुता, विचारों की मर्यादित एवं न्यायोचित अभिव्यक्ति तथा लोकतांत्रिक जीवन पद्धति के अन्य गुणों का विकास करना है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को संसद की कार्यप्रणाली एवं प्रक्रियाओं, चर्चा और वाद-विवाद की तकनीकों से परिचित कराता है तथा उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रभावी वक्तृत्व-कला का विकास करता है।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर टीम को बधाई देते हुए प्राचार्य डॉ. अनुप कुमार ने कहा कि यह सम्मान संस्था के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि डीएवी कॉलेज सदैव विद्यार्थियों को केवल अच्छे विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि जागरूक, जिम्मेदार और अभिव्यक्ति-कुशल नागरिक के रूप में गढ़ने में विश्वास रखता है। उन्होंने आगे कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, मार्गदर्शक अध्यापकों के समर्पित प्रयासों तथा कॉलेज की उत्कृष्ट परंपरा का परिणाम है।