दिल्ली: वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा उथल-पुथल देखने को मिल सकता है।रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रीव जो Putin के विशेष निवेश एवं आर्थिक सहयोग दूत हैं,ने चेतावनी दी है कि अगले 2–3 हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकती हैं। उनका कहना है कि पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध और ऊर्जा आपूर्ति पर बढ़ते हमले वैश्विक तेल बाजार को गंभीर झटका दे रहे हैं।दिमित्रीव के अनुसार कीमतों में संभावित उछाल के पीछे कई बड़े कारण हैं। इनमें पहला है Strait of Hormuz जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। यहां से लगभग दुनिया के 20% तेल की आपूर्ति गुजरती है। युद्ध के कारण कई टैंकरों की आवाजाही बाधित हुई है और समुद्री यातायात में भारी गिरावट आई है।Iran, Israel और United States के बीच संघर्ष के दौरान तेल व गैस इंफ्रास्ट्रक्चर भी निशाने पर आ रहा है, जिससे सप्लाई का जोखिम बढ़ गया है। दिमित्रीव ने कहा कि ब्रेंट क्रूड पहले ही 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच चुका है और युद्ध लंबा खिंचा तो कीमतें 150 डॉलर या उससे भी ज्याद जा सकती हैं