
दिल्ली: दुनिया के दूसरे हिस्से में चल रही जंग का असर अब भारतीय रसोई और सड़कों पर दिखने वाला है। स्विट्जरलैंड में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक खिंचा, तो भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ना तय है।गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि फिलहाल सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाकर और सरकारी तेल कंपनियों ने नुकसान सहकर जनता को बढ़ी हुई कीमतों से बचा रखा है। लेकिन यह स्थिति ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकती। कच्चा तेल लगातार महंगा हो रहा है, और कंपनियां इस बढ़े हुए बोझ को कब तक खुद उठाएंगी, यह बड़ा सवाल है।इधर देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से एक भावुक और जरूरी अपील की है। उन्होंने विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए दो अहम बातें कही हैं। बेवजह गाड़ी न चलाएं और पेट्रोल-डीजल के इस्तेमाल में किफायत बरतें। पीएम ने सलाह दी है कि फिलहाल सोने की खरीदारी टाल दें। सरकार ने सोने पर आयात शुल्क भी दोगुने से ज्यादा कर दिया है ताकि लोग विदेशी सामान कम खरीदें और देश का पैसा बाहर न जाए।अप्रैल महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.48% हो गई है। हालांकि यह अभी नियंत्रण में दिख रही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें $100 के ऊपर टिकी रहीं, तो ट्रांसपोर्टेशन महंगा होगा और हर चीज के दाम बढ़ जाएंगे।