
*चंडीगढ़, 7 जुलाई:*
बहबल कलां गोलीकांड मामले में चंडीगढ़ स्थित विशेष जांच दल (एसआईटी) के समक्ष पेश होने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी पंजाब के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर इस संवेदनशील मामले का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया।
सांपला ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले बहबल कलां गोलीकांड में न्याय दिलाने का बड़ा वादा किया था, लेकिन साढ़े चार वर्ष बीत जाने के बावजूद सरकार न्याय दिलाने में पूरी तरह विफल रही है। अब जब चुनाव नज़दीक हैं तो सरकार सिख समाज की भावनाओं से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे को फिर से उछालकर अपनी नाकामियों से जनता का ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का शुरू से स्पष्ट और अटल रुख रहा है कि बहबल कलां मामले में जो भी दोषी हो, उसकी निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच हो तथा दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए।
सांपला ने बताया कि उन्हें एसआईटी द्वारा चौथी बार समन भेजा गया है। इससे पहले भी वे जालंधर में एसआईटी के समक्ष उपस्थित हुए थे और उस समय भी उन्होंने आग्रह किया था कि जिन दस्तावेज़ों के आधार पर उनसे जवाब मांगा जा रहा है, उनकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए ताकि वे तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रख सकें।
उन्होंने कहा कि बिना संबंधित दस्तावेज़ों का अध्ययन किए कोई भी टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। आज की पेशी के दौरान भी उन्हें केवल 12 जनवरी 2018 को तत्कालीन राज्यपाल को सौंपे गए एक ज्ञापन की प्रति दिखाई गई, लेकिन उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई।
सांपला ने कहा कि आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल तकनीक के कारण किसी भी दस्तावेज़ की प्रमाणिकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए उन्होंने केवल प्रमाणित प्रति की मांग की थी, लेकिन एसआईटी ने वह भी उपलब्ध नहीं कराई।
उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार समन भेजने का उद्देश्य जांच को लंबा खींचना और चुनाव तक इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से जीवित रखना है।
सांपला ने कहा कि हाल के धार्मिक घटनाक्रमों, विशेषकर श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़े मामलों में सरकार की हुई किरकिरी से जनता का ध्यान हटाने के लिए भी इस मुद्दे को दोबारा उछाला जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बहबल कलां मामले से न तो उनका और न ही भारतीय जनता पार्टी का कोई प्रत्यक्ष संबंध रहा है। उस समय भले ही अकाली-भाजपा गठबंधन की सरकार थी, लेकिन किसी भी भाजपा नेता की इस घटना में कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी।
सांपला ने कहा कि आज पंजाब नशे, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ती फिरौती की घटनाओं, गोलीबारी, सरकारी कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते (डीए) और प्रशासनिक विफलताओं जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे समय में सरकार इन मुद्दों का समाधान करने के बजाय जनता का ध्यान भटकाने के लिए राजनीतिक नाटक कर रही है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एसआईटी की जांच में पूरा सहयोग देगी।
“हमने एसआईटी को स्पष्ट कर दिया है कि जब भी वे हमें बुलाएंगे, हम उपस्थित होंगे और हर प्रकार का सहयोग देंगे। लेकिन जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और राजनीतिक प्रतिशोध से मुक्त होनी चाहिए। हमें केवल संबंधित दस्तावेज़ों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं ताकि हम तथ्यों और कानून के आधार पर अपना जवाब दे सकें,” सांपला ने कहा।
अंत में उन्होंने कहा कि यदि जांच पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से नहीं की जाती और बिना दस्तावेज़ उपलब्ध कराए केवल बार-बार समन भेजकर पूछताछ की जाती रही, तो यह न्याय की प्रक्रिया नहीं बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध और समय की बर्बादी ही मानी जाएगी।