जालंधर: भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ मानहानि का नोटिस दर्ज किया; पंजाब धमाकों में भाजपा पर लगाए गए विवादित बयानों का कड़ा विरोध*

भगवंत मान ने मुख्यमंत्री पद की गरिमा को तार-तार करते हुए, बिना किसी सबूत के भाजपा पर बम धमाकों का आरोप लगाया है। यही कारण है कि अब उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि, झूठी जानकारी फैलाने और सार्वजनिक अशांति भड़काने के प्रयास को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
मान साहब का बयान उनके अपने DGP के बयान के विपरीत है। जहाँ पंजाब पुलिस ISI और विदेशी नेटवर्क की संलिप्तता की बात कर रही है, वहीं मुख्यमंत्री राजनीतिक एजेंडा चलाने में व्यस्त हैं। सवाल साफ है—मुख्यमंत्री पंजाब की सुरक्षा कर रहे हैं या राष्ट्रविरोधी ताकतों को राजनीतिक कवर दे रहे हैं?
एक ऐसे दिन, जब पूरा देश ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ पर अपनी वीर सेना के साहस और शौर्य का जश्न मना रहा है, मुख्यमंत्री मान द्वारा भाजपा जैसे एक लोकतांत्रिक और राष्ट्रवादी दल को आतंकवादी घटनाओं से जोड़ना सिर्फ एक राजनीतिक झूठ नहीं, बल्कि करोड़ों देशवासियों के जनादेश और विश्वास का अपमान है।
भगवंत मान का यह बयान न केवल मानहानिकारक है बल्कि बेहद खतरनाक भी है। ऐसे गैर-जिम्मेदार आरोप पंजाब में भ्रम, अविश्वास और सामाजिक अशांति पैदा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री को राजनीतिक लाभ के लिए सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने का कोई अधिकार नहीं है।
भाजपा ने स्पष्ट किया है कि यदि 7 दिनों के भीतर भगवंत मान अपना बयान वापस लेकर सार्वजनिक माफी नहीं मांगते, तो उनके खिलाफ आपराधिक और दीवानी, दोनों तरह की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब पंजाब की जनता भी जानना चाहती है—सबूत कहाँ हैं?
पंजाब आज नशे, बम धमाकों, गैंगस्टर नेटवर्क और आर्थिक संकट से जूझ रहा है, लेकिन भगवंत मान सरकार अपनी हर विफलता को छिपाने के लिए भाजपा पर झूठे आरोप लगा रही है। पंजाब को ड्रामेबाजी नहीं, बल्कि जिम्मेदार शासन चाहिए।