
दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर में दान और चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में सुरक्षा की खामियां संगठित चोरी के भी कई सबूत सामने आए हैं रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 से 5 जून 2026 के बीच 40 दिनों की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें काउंटिंग रूम के कर्मचारियों द्वारा नोटों की गड्डियों और खुले पैसों को कपड़ों, जूतों और जेबों में छुपाया जा रहा है इतना ही नहीं फुटेज में इस तरह से 70 बार चोरी करने की पुष्टि हुई है वहीं, ट्रस्ट के जिम्मेदार प्रतिनिधि डॉ. अनिल मिश्रा और प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव की लापरवाही के चलते बिना लिखित प्राधिकार के रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के पास सभी दानपात्रों की चाबियां भी रहती थीं SIT की जांच में कई बड़े खुलासे हुए हैं बता दें कि पकड़े गए मुख्य आरोपियों में अविनाश शुक्ला और टिन्नू यादव का भतीजा मनीष यादव प्रमुख तौर पर चोरी को अंजाम देते थे. सीसीटीवी फुटेज में दोनों बार-बार चढ़ावे की रकम को गायब करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा और करुणेश पांडे चोरी में उनकी मदद करते हुए पाए गए हैं बता दें कि ये आरोपी मंदिर में महज 15000 रुपये की नौकरी करते थे लेकिन इनके बैंक अकाउंट से भी कई संदिग्ध गतिविधियां की गई है इसके अलावा कई एफडी, बड़ी मात्रा में पैसा जमा है वहीं, 4 जून 2026 को ट्रस्ट को मंदिर के एक बाथरूम से भी 2,25,000 रुपये मिले थे