चंडीगढ़, 4 जुलाई:

पंजाब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों ने बरनाला के धनौला में नए कॉलेज की घोषणा को डूबती सरकार का झूठा सहारा करार देते हुए कहा कि भगवंत मान सरकार सिर्फ मेडिकल कॉलेजों के वादे पर ही नहीं, बल्कि पंजाब के हर वर्ग—युवाओं, किसानों, महिलाओं की योजनाओं और कर्मचारियों के अधिकारों—के मामले में पंजाब के साथ धोखा कर चुकी है।

ढिल्लों ने कहा कि 2022-23 के बजट में 16 नए मेडिकल कॉलेजों की घोषणा हुई थी, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी एक भी कॉलेज धरातल पर नहीं उतरा। मस्तुआना में रखे गए शिलान्यास पत्थर के आसपास आज धान लहलहा रहा है और गुरुद्वारा साहिब ने जमीन वापस ले ली है। उन्होंने कहा कि इससे पहले हंडियाया का सुपर मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल परियोजना रद्द कर दी गई, ठीकरीवाल का नर्सिंग कॉलेज अधर में लटका हुआ है और अब धनौला के लोगों को मूर्ख बनाया जा रहा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब के 37 में से आधे से अधिक नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट एक साल से ज्यादा की देरी का शिकार हैं, जबकि 4 पूरी तरह ठप पड़े हैं। यह सरकार सिर्फ शिलान्यास करने में माहिर है, काम पूरा करने में नहीं।

मावां धीआं सत्कार योजना साढ़े चार साल की देरी के बाद शर्तों के साथ लागू हुई, कर्मचारियों का डीए और पेंशनरों के बकाये लंबित हैं, जबकि शगुन योजना के लाभार्थी भी इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के लिए सरकार के पास पैसा नहीं है, लेकिन विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये बर्बाद किए जा रहे हैं।

ढिल्लों ने बताया कि 2022 में 2.8 लाख करोड़ रुपये का कर्ज 2027 तक 5 लाख करोड़ रुपये को छू सकता है और 2026-27 में ही पंजाब 42,000 करोड़ रुपये केवल कर्ज की किस्तों और ब्याज पर खर्च कर रहा है। जबकि इस कर्ज से पंजाब के विकास के लिए कुछ भी नहीं किया गया। यह सरकार विकास नहीं कर रही, बल्कि पंजाब के भविष्य को गिरवी रख रही है।

प्रदेश अध्यक्ष ढिल्लों ने कहा कि भगवंत मान केवल कुर्सी पर बैठे हैं, जबकि सरकार दिल्ली से भेजे गए हारे हुए नेता चला रहे हैं। इस समय भी मुख्यमंत्री गायब हैं और पंजाब की कमान दिल्ली के घोटालेबाजों के हाथ में है। जिन लोगों को दिल्ली की जनता ने नकार दिया, वही पंजाब के भविष्य के फैसले ले रहे हैं—इससे बड़ी शर्म की बात पंजाब के लिए और क्या हो सकती है।

उन्होंने दावा किया कि 2027 में पंजाब के लोग इस झूठे बदलाव की दिल्ली दरबार वाली सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएंगे।