प्रिंसिपल डॉ. एकता खोसला के कुशल नेतृत्व मे हंस राज महिला महाविद्यालय जालंधर की एनएसएस यूनिट द्वारा आयोजित 7-दिवसीय एनएसएस स्पेशल कैंप का दूसरा दिन गांव लिधड़ा में एनएसएस वालंटियर्स की सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ आयोजित किया गया। इस दिन का विषय ‘पर्यावरण और स्थिरता और कौशल विकासÓ पर आधारित था, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा, हरियाली को बढ़ावा देने और पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं को अपनाने के बारे में जागरूकता पैदा करना था।
दिन की शुरुआत सुबह की सभा से हुई, जिसके बाद एनएसएस गीत गाया गया। इसके बाद पिछले दिन की रिपोर्ट प्रगति समूह की रिया ने अंग्रेजी में, सेवा संकल्प समूह की सिमरन ने हिंदी में, एनएसएस वालंटियर्स समूह की वृद्धि बंसल ने पंजाबी में प्रस्तुत की, जिसमें पहले दिन की गतिविधियों और सीखने के परिणामों पर प्रकाश डाला गया। इसके बाद, एनएसएस प्रभारी सुश्री हरमनू ने वालंटियर्स को निर्धारित कार्यक्रम और गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इस दिन के कार्यक्रम के उद्देश्यों के बारे में बताया, जिसमें पर्यावरणीय जागरूकता, सामुदायिक बातचीत, शैक्षिक आउटरीच और स्वच्छता गतिविधियां शामिल थीं और वालंटियर्स को उनकी भूमिकाओं और जिमेदारियों के बारे में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने वालंटियर्स को अनुशासित तरीके से काम करने, एकता बनाए रखने और सभी गतिविधियों में ईमानदारी और पूरे जोश के साथ सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। छात्राओं के विभिन्न समूहों को अलग-अलग गतिविधियां सौंपी गईं, जिसमें पर्यावरणीय जागरूकता पर विशेष ध्यान दिया गया। एनएसएस की एसोसिएट सदस्य श्रीमती सतिंदर कौर ने वालंटियर्स को स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ और टिकाऊ पर्यावरण के महत्व को समझने और रैली, वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान जैसी व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद, एनएसएस वालंटियर्स गांव लिधड़ा गए, जहां पर्यावरण को बचाने और उसकी रक्षा करने का संदेश फैलाने के लिए एक पर्यावरण जागरूकता रैली आयोजित की गई। ललित कला के सहायक प्रोफेसर डॉ. शालिंदर कुमार ने वालंटियर्स को पेड़ों पर चूना लगाने (सफेदी करने) की सही विधि के बारे में बताया और इसके महत्व को यह बताते हुए समझाया कि यह पेड़ों को कीटों से बचाने और उनके स्वस्थ विकास को बढ़ावा देने में कैसे मदद करता है। उनके मार्गदर्शन में, वालंटियर्स ने गांव में पेड़ों पर चूना लगाने में सक्रिय रूप से भाग लिया। इसके अतिरिक्त, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए गांव में विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। उसी दिन, गवर्नमेंट हाई स्कूल लिधड़ा में कॉस्मेटोलॉजी डिपार्टमेंट की सुश्री श्रुति और छात्रा स्नेहा ने स्टूडेंट्स और गांव की महिलाओं के लिए एक शार्ट स्किल और वोकेशनल ट्रेनिंग सेशन आयोजित किया। इस सेशन में बेसिक स्किन केयर, पर्सनल हाइजीन और रोज़ाना इस्तेमाल के लिए आसान मेकअप तकनीक पर फोकस किया गया। रिसोर्स पर्सन ने स्किन टाइप के अनुसार प्रोडक्ट्स चुनने और नेचुरल सुंदरता और सफाई बनाए रखने के महत्व के बारे में बताया। गांव की महिलाओं ने एक्टिव रूप से भाग लिया और गहरी दिलचस्पी दिखाई, जिससे यह सेशन सभी प्रतिभागियों के लिए जानकारीपूर्ण, प्रैक्टिकल और सशक्त बनाने वाला रहा। लंच सेशन के बाद, ‘लैंगिक समानता को बढ़ावा देने में युवाओं की भूमिकाÓ और ‘मानव संबंधों पर मोबाइल फोन के प्रभावÓ विषय पर एक निबंध-लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें वॉलंटियर्स ने बड़े जोश और उत्साह के साथ भाग लिया, और अपने विचारों और दृष्टिकोणों को सोच-समझकर पेश किया। इसके बाद, कॉलेज कैंपस के आई.टी. लॉन में एक सफाई अभियान आयोजित किया गया, जहाँ वॉलंटियर्स ने सफाई गतिविधियों में एक्टिव रूप से भाग लिया। इस गतिविधि के माध्यम से, उन्होंने न केवल एक साफ और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में योगदान दिया, बल्कि व्यक्तिगत जिमेदारी, अनुशासन और सामुदायिक स्वच्छता के महत्व को भी समझा, जिससे पर्यावरण और स्थिरता पर आधारित इस दिन के विषय के व्यापक संदेश को बल मिला। डॉ. दीप्ति धीर और डॉ. बलजिंदर सिंह ने भी वॉलंटियर्स को गाइड किया। पर्यावरण और स्थिरता पर आधारित इस दिन के कार्यक्रम सभी वॉलंटियर्स की एक्टिव भागीदारी के साथ सफलतापूर्वक पूरे हुए। रैली, पेड़ लगाने, सफेदी करने, निबंध प्रतियोगिता और सफाई अभियान के माध्यम से, वॉलंटियर्स ने अनुशासन, टीम वर्क और सामाजिक जिमेदारी की एक मजबूत भावना का प्रदर्शन किया।