
दिल्ली: भारतीय सेना में अग्निवीर के तौर पर देश सेवा कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। वर्दी को स्थायी रूप से पहनने का सपना संजोए बैठे जवानों के लिए अब केवल शारीरिक और मानसिक दक्षता ही काफी नहीं होगी, बल्कि उनके वैवाहिक स्टेटस पर भी सेना की पैनी नजर रहेगी। सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि स्थायी सैनिक बनने की रेस में वही अग्निवीर शामिल हो पाएंगे, जो प्रक्रिया पूरी होने तक अविवाहित रहेंगे।शादी की तो ‘परमानेंट’ होने का मौका खत्मसेना द्वारा निर्धारित नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, सेवा के दौरान या स्थायीकरण की चयन प्रक्रिया के बीच विवाह बंधन में बंधना किसी भी अग्निवीर के करियर के लिए भारी पड़ सकता है। यदि कोई जवान स्थायी नियुक्ति मिलने से पहले शादी कर लेता है, तो उसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।अग्निवीरों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब भी सेना ने साफ कर दिया है। सेवा के 4 साल पूरे होने के बाद, स्थायीकरण की प्रक्रिया में लगभग 4 से 6 महीने का अतिरिक्त समय लगता है। नियमों के अनुसार, जब तक स्थायी नियुक्ति की अंतिम मेरिट लिस्ट में नाम नहीं आ जाता और ज्वाइनिंग नहीं हो जाती, तब तक जवानों को विवाह से परहेज करना होगा। एक बार ‘परमानेंट’ ठप्पा लगने के बाद वे अपनी मर्जी से घर बसा सकेंगे।