दिल्ली:पिछले दो दशक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर ‘स्वर्णिम युग’ में प्रविष्ट हुआ है। उनके श्री सोमनाथ ट्रस्ट का अध्यक्ष बनने के बाद से सोमनाथ के विकास में एक नया अध्याय शुरू हुआ है।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ पर 1026 में किए गए प्रथम आक्रमण के हजार वर्ष पूर्ण होंगे। आज एक हजार वर्षों के बाद भी सोमनाथ मंदिर पूर्ण गौरव के साथ अडिग खड़ा है। संयोग से 2026 में ही सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने वाले हैं। 11 मई, 1951 को इस भव्य मंदिर का पुनर्निर्माण संपन्न हुआ था और फिर यह भक्तों के लिए खुला था। इस सीमाचिह्न समान घटना को और विशेष बनाते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आगामी 11 जनवरी को सोमनाथ की यात्रा पर आएंगे और ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में उपस्थिति देंगे।शिखर पर 1,666 स्वर्ण कलशों तथा 14,200 ध्वजाओं के साथ सोमनाथ मंदिर तीन पीढ़ियों की अडिग श्रद्धा, दृढ़ता तथा कलात्मकता के प्रतिबिंब के रूप में खड़ा है। हर वर्ष लाखों लोग इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए आते हैं। वर्ष 2020 से 2024 तक वार्षिक अनुमानित 97 लाख श्रद्धालु सोमनाथ के दर्शन के लिए आए हैं। बिल्व पूजा के लिए पिछले 2 वर्ष में श्रद्धालुओं की संख्या 13.77 लाख दर्ज हुई थी, पिछले 2 वर्ष में श्रद्धालुओं की संख्या 13.77 लाख दर्ज हुई थी, जिसमें महाशिवरात्रि-2025 के दौरान 3.56 लाख श्रद्धालु आए थे। आज ऑनलाइन बुकिंग तथा पोस्टल प्रसादी की सुविधा यह सुनिश्चित करती है कि सोमनाथ की पवित्रता मंदिर की सीमाओं को पारकर सभी भक्तों तक पहुँचे।