प्रयागराज: देश के सबसे विशाल धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में गिने जाने वाले माघ मेला 2026 में मौनी अमावस्या के दिन आस्था का ऐसा अभूतपूर्व नज़ारा देखने को मिला, जिसने अब तक के सभी पुराने कीर्तिमानों को पीछे छोड़ दिया। रविवार को त्रिवेणी संगम के तट पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और चारों ओर केवल भक्तों की भीड़ ही दिखाई दी।आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर लगभग 5 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य स्नान किया। यह संख्या प्रशासन द्वारा लगाए गए पूर्वानुमानों से कहीं अधिक रही। बीते महाकुंभ और पूर्व के माघ मेलों की तुलना में इस बार का स्नान पर्व ऐतिहासिक साबित हुआ।स्नान पर्व के बाद मिली राहत, रेलवे ने हटाए प्रतिबंधस्नान पर्व शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद प्रशासन ने राहत महसूस की। इसी क्रम में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने भारी भीड़ को देखते हुए लगाए गए सभी अस्थायी प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया है। अब प्रयागराज जंक्शन, छिवकी, सूबेदारगंज और नैनी जंक्शन पर यात्रियों की आवाजाही सामान्य रूप से हो सकेगी।