
श्री चैतन्य गौडीय मठ प्रतिष्ठान के प्रतिष्ठाता वैष्णव आचार्य ॐ विष्णुपाद 108 श्री श्रीमद् भक्ति दयित माधव गोस्वामी महाराज जी का 47वाँ विरह महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक परंपराओं के अनुरूप श्री चैतन्य महाप्रभु राधा माधव मंदिर प्रताप बाग में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पुजारी दीन आर्ति हर दास, केवल कृष्ण, राजेश शर्मा, मनोज कौशल, सुरेश, गौर, कृष्ण गोपाल, अम्बरीश, जगन्नाथ और पुरुषोत्तम ने मंगलाचरण, गुरुवन्दना और वैष्णव वंदना द्वारा की | केशव अग्रवाल और शुकदेव दास ने गुरु पूजा की | इस अवसर पर श्रील भक्ति दयित माधव गोस्वामी महाराज जी की महिमा बताते हुए देहरादून से पधारे त्रिदंडी स्वामी श्रीमद् भक्ति विलास त्रिदंडी महाराज जी ने कहा कि श्रील महाराज (श्रील भक्ति दयित माधव गोस्वामी) ने अपने आदर्श चरित्र तथा वीर्यवती हरि कथा के द्वारा पूर्व से पश्चिम तथा उत्तर से दक्षिण असंख्य नर, नारियों को श्रीमन महाप्रभु की शिक्षाओं एवं उनके द्वारा प्रदान किए गए प्रेम धन की ओर आकर्षित किया तथा उन सभी को गोड़ीय वैष्णव धर्म में दीक्षित करवाया। उन्होंने अपने एक अल्प आयु जीवन में अनेक मठ शाखाओं तथा प्रचार केन्द्रों जैसे कि उत्तर भारत में वृन्दावन, पूर्व में गुवाहाटी, पश्चिम में चण्डीगढ़ तथा दक्षिण में हैदराबाद इत्यादि शहरों में प्रचार केन्द्रों की स्थापना की। इसके साथ ही उन्होंने संस्कृत विद्यालय, पुस्तकालय, प्राथमिक तथा उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना की। उन्होंने अदम्य उत्साह पूर्वक जाति, धर्म में भेदभाव किये बिना सभी जीवों के मंगल के लिए महाप्रभु की प्रेम धर्म वाणी का प्रचार किया तथा आचार (आचरण) भी किया। उपस्थित भक्त श्री राधा नाम का संकीर्तन करते हुए भाव विभोर हो गए | अंत में हे मेरे गुरुदेव करुणासिन्धु करुणा कीजिये संकीर्तन के साथ सभी ने गुरूजी की आरती की और उनके चरणों में पुष्पांजलि दी | कार्यक्रम में नरिंदर गुप्ता, रेवती रमण गुप्ता, अजय अग्रवाल, इन्द्रपाल मिंटू कश्यप, राजन गुप्ता, विजय सग्गड़, राजिंदर लूथरा, हेमंत थापर,अजय अरोड़ा, राजीव सग्गड़, अश्वनी अग्रवाल, दीपक बंसल, जतिन बंसल, ललित अरोड़ा, आशीष खुराना, नवदीप, योगेश पासी, मुनीश वर्मा, गुरवरिंदर लाडी, ललित अग्रवाल, दिनेश शर्मा, विशाल भल्ला, राजू खन्ना, दिनेश ठुकराल, राजिंदर कपूर, विशाल शर्मा, शशि भूषण और अन्य शामिल हुए |