Apeejay Institute of Management & Engineering Technical Campus (AIMETC) के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (School of Engineering and Technology) के अंतर्गत इंजीनियरिंग क्लब (Engineering Club) ने छात्रों में वैज्ञानिक सोच, तकनीकी उत्कृष्टता और नवाचारी सोच को विकसित और बढ़ावा देने के उद्देश्य से 24 से 28 फरवरी, 2026 तक राष्ट्रीय विज्ञान सप्ताह का आयोजन किया।

सप्ताह भर चलने वाले इस उत्सव का शुभारंभ 24 से 26 फरवरी तक आयोजित वेबसाइट डिजाइनिंग कार्यशाला (Workshop on Website Designing ) से हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को कार्यात्मक, उपयोगकर्ता-अनुकूल और आकर्षक वेबसाइटों की योजना बनाने, डिजाइन करने और विकसित करने (plan, design, and develop functional, user-friendly, and visually appealing websites) के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना था। प्रतिभागियों को लेआउट योजना, इंटरफ़ेस डिजाइन, सामग्री संरचना और कार्यक्षमता एवं सौंदर्यशास्त्र के एकीकरण की प्रमुख अवधारणाओं (layout planning, interface design, content structuring, and integration of functionality with aesthetics) से परिचित कराया गया। सत्रों में व्यावहारिक शिक्षा और प्रत्यक्ष अनुभव पर जोर दिया गया (Practical learning and hands-on experience), जिससे छात्रों को वर्तमान उद्योग रुझानों और डिजिटल आवश्यकताओं (current industry trends and digital requirements) को समझने में मदद मिली। कार्यशाला में प्रभावी वेब समाधान बनाने के लिए डिजाइनरों, डेवलपर्स और कंटेंट क्रिएटर्स (designers, developers, and content creators) के बीच सहयोग के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

AIMETC के निदेशक डॉ. राजेश बग्गा ने इस ज्ञानवर्धक शैक्षणिक पहल के आयोजन में इंजीनियरिंग क्लब (Engineering Club ) के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने व्यावहारिक कार्यशालाओं और विशेषज्ञ-नेतृत्व वाले सत्रों के माध्यम से कक्षा में प्राप्त ज्ञान और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच के अंतर पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को तकनीकी दक्षता बढ़ाने और उभरती प्रौद्योगिकियों से अवगत रहने के लिए ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

27 फरवरी को “करियर के अवसरों और एआई प्रणालियों (Career Opportunities and AI Systems) में डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (DBMS) की भूमिका” विषय पर एक विशेषज्ञ सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में आज के डेटा-आधारित युग में विशाल और जटिल डेटासेट के प्रबंधन में डीबीएमएस की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया। छात्रों को यह समझने का अवसर मिला कि संरचित और सुरक्षित डेटाबेस सिस्टम किस प्रकार संगठनात्मक निर्णय लेने में सहायक होते हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग (Artificial Intelligence and Machine Learning) अनुप्रयोगों की आधारशिला कैसे बनते हैं। वक्ता ने डेटा साइंस, एनालिटिक्स, डेटाबेस एडमिनिस्ट्रेशन और एआई डेवलपमेंट (data science, analytics, database administration, and AI development) में उभरते करियर के अवसरों पर भी चर्चा की और छात्रों को डेटाबेस तकनीकों में मजबूत आधारभूत ज्ञान विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

28 फरवरी को आयोजित समापन सत्र में विभिन्न क्षेत्रों में “गणित के अनुप्रयोग” विषय पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह चर्चा करना है कि गणित आधुनिक प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, वित्त तथा वैज्ञानिक अनुसंधान की आधारशिला किस प्रकार है। सत्र में (algorithms in search engines, cryptography for cybersecurity, statistical data analysis, and mathematical modeling in engineering, medicine, and business) सर्च इंजनों में एल्गोरिद्म, साइबर सुरक्षा के लिए क्रिप्टोग्राफी, सांख्यिकीय डेटा विश्लेषण तथा इंजीनियरिंग, चिकित्सा और व्यवसाय में गणितीय मॉडलिंग जैसे प्रमुख अनुप्रयोगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। साथ ही सत्र में बजट बनाने, तार्किक तर्क और समस्या-समाधान (budgeting, logical reasoning, and problem-solving ) सहित रोजमर्रा की जिंदगी में गणित की प्रासंगिकता पर भी जोर दिया जाएगा।

डॉ. राजेश बग्गा
निदेशक