सीटी यूनिवर्सिटी के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ ने सफलतापूर्वक द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “सतत विकास हेतु बहुविषयक दृष्टिकोण (आईसीएमएएसडी–2026)” का आयोजन किया। इस दो दिवसीय बौद्धिक सम्मेलन में भारत और विश्व के विभिन्न देशों से प्रख्यात शिक्षाविद, नीति-निर्माता, शोधकर्ता और छात्र एकत्रित हुए। यह सम्मेलन सतत विकास और नवाचार को समर्पित रहा।

सम्मेलन की मुख्य अतिथि डॉ. बलजीत कौर, मंत्री, सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक, सामाजिक सुरक्षा तथा महिला एवं बाल विकास, पंजाब सरकार थीं।

विशिष्ट अतिथि के रूप में जगराओं की विधायक सरबजीत कौर मानुके उपस्थित रहीं।

सम्मानित अतिथियों में डॉ. रत्तन सिंह, कुलपति, जगत गुरु नानक देव पंजाब राज्य मुक्त विश्वविद्यालय; डॉ. महावीर सिंह, कुलपति, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय; डॉ. मनोज कुमार, कुलपति, डीएवी विश्वविद्यालय; विनोद सिंह यादव, उप सचिव, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग; तथा पूर्व कुलपति, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय (वर्तमान में कार्यकारी निदेशक, जीसीसी स्कूल गुरुग्राम और राष्ट्रीय निदेशक, एटीएमसी ऑस्ट्रेलिया) शामिल थे।

कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति भी रही, जिनमें डॉ. फरीदा हज हसन, यूनिवर्सिटी टेक्नोलॉजी मारा; डॉ. दलविंदर कौर, शोध एवं शैक्षणिक सहयोग प्रमुख, ग्लोबलनेक्स्ट यूनिवर्सिटी; डॉ. किंग्सले ल्योंगा नगांगे, यूनिवर्सिटी ऑफ बुएआ; तथा डॉ. वरिंदर सिंह राणा, सिटी यूनिवर्सिटी अजमान शामिल थे।

आईसीएमएएसडी–2026 में 600 से अधिक प्रस्तुतकर्ताओं और 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने चार बहुविषयक विषयों में सहभागिता की। प्रथम दिवस पर विचारोत्तेजक पैनल चर्चाएँ और शोध प्रस्तुति सत्र आयोजित किए गए, जिनमें सतत विकास के लिए नवीन रणनीतियों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। शैक्षणिक उत्कृष्टता को सम्मानित करने तथा उभरते शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करने हेतु विश्वविद्यालय ने “युवा शोधकर्ता पुरस्कार”, “सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति पुरस्कार” और “सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुति पुरस्कार” प्रदान किए।

द्वितीय दिवस पर उन्हीं विषयों के अंतर्गत कार्यक्रम जारी रहा तथा ऑनलाइन सत्र भी आयोजित किए गए, जिससे वैश्विक सहभागिता को बढ़ावा मिला और शैक्षणिक संवाद को व्यापक बनाया गया। इस सम्मेलन से विद्यार्थियों को शोध के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहन मिला तथा उन्हें प्रतिष्ठित विद्वानों के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

कार्यक्रम में कुलाधिपति सरदार चरणजीत सिंह चन्नी, प्रो कुलाधिपति डॉ. मनबीर सिंह, उपाध्यक्ष हरप्रीत सिंह, प्रो कुलपति डॉ. सिमरनजीत कौर गिल तथा कुलसचिव संजय खंडूरी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

आयोजन समिति का नेतृत्व डॉ. सिमरनजीत कौर गिल ने किया। उनके साथ छात्र कल्याण निदेशक दविंदर सिंह, सहायक अधिष्ठाता (अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ) डॉ. सतवीर सिंह तथा अधिष्ठाता, होटल प्रबंधन एवं पर्यटन विद्यालय, डॉ. आशीष रैना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सभा को संबोधित करते हुए कुलाधिपति सरदार चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि सतत विकास के लिए सामूहिक शोध, नवाचारी सोच और युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच शैक्षणिक वातावरण को सशक्त बनाते हैं और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक प्रगति में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार करते हैं।

प्रो कुलाधिपति डॉ. मनबीर सिंह ने अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के समर्पित प्रयासों की सराहना की तथा कहा कि बहुविषयक शोध और वैश्विक शैक्षणिक साझेदारियाँ आधुनिक उच्च शिक्षा की आवश्यक आधारशिला हैं।
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