
महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के करोड़ों यात्रियों और छात्रों के लिए आज का दिन मुश्किलों भरा हो सकता है। ई-चालान और पार्किंग नियमों के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। मुंबई के आजाद मैदान से शुरू होने वाला यह आंदोलन पूरे राज्य के परिवहन तंत्र को ठप करने की ताकत रखता हैट्रांसपोर्टरों की नाराजगी का सबसे बड़ा कारण ई-चालान व्यवस्था है। संगठन के सदस्य मलकीत सिंह बाल का कहना है कि एक ही गलती के लिए दिन में कई बार चालान काटे जा रहे हैं ट्रांसपोर्टरों का तर्क है कि जब सरकार ने पर्याप्त पार्किंग और कार्गो जोन बनाए ही नहीं, तो ‘नो-पार्किंग’ के नाम पर भारी जुर्माना वसूलना गलत है। पिछले साल सरकार को सौंपी गई सुधार रिपोर्ट पर अब तक कोई अमल नहीं हुआ जिससे नाराज होकर यह ‘जन आंदोलन’ शुरू किया गया है।यह हड़ताल केवल बड़े ट्रकों तक सीमित नहीं है इसमें निम्नलिखित सेवाएं भी शामिल बोर्ड परीक्षाओं के समय स्कूल बसों का बंद होना छात्रों और अभिभावकों के लिए सबसे बड़ी चिंता है मुंबई-पुणे जैसे रूट पर चलने वाली पर्यटक बसें और ऐप-आधारित कैब भी प्रभावित होंगी। लोकल सप्लाई और लास्ट माइल कनेक्टिविटी पूरी तरह चरमरा सकती है।