दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र की चिंताएं बढ़ा दी है। अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद हालात इतने गंभीर नजर आ रहे हैं कि तेल आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़े असर की आशंका जताई जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र की रिसर्च फर्म रिस्टैड एनर्जी के मुताबिक अगर दोनों देशों के बीच टकराव फिर से पूरी तरह शुरू हो जाता है, तो कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है।रिपोर्ट के अनुसार खाड़ी क्षेत्र के छह बड़े तेल उत्पादक देशों में फिलहाल करीब 1.18 करोड़ बैरल प्रतिदिन तेल उत्पादन प्रभावित हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक दौर में यह तेल सप्लाई पर सबसे बड़ा असर माना जा सकता है। कंपनी के भू-राजनीतिक मामलों के प्रमुख जॉर्ज लियोन ने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मौजूदा हालात पूरी तरह युद्ध की वापसी है या फिर ऐसा संकट है जिसे अभी भी काबू में किया जा सकता है।