
दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच बड़ी खबर सामने आई है। इजराइली सैन्य अधिकारियों ने दावा किया है कि ईरान ने इजराइल की ओर क्लस्टर बम से लैस बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। मौजूदा युद्ध में ऐसे हथियारों के इस्तेमाल की यह पहली रिपोर्ट बताई जा रही है।क्लस्टर हथियार आधुनिक युद्ध के सबसे विवादित हथियारों में गिने जाते हैं। इनकी खासियत यह होती है कि ये एक बड़े विस्फोट की जगह हवा में फटकर दर्जनों छोटे-छोटे बमों को बड़े इलाके में फैला देते हैं। इजराइली रक्षा अधिकारियों का कहना है कि ईरान की कुछ क्लस्टर मिसाइलें हवा में 80 तक छोटे बम छोड़ सकती हैं, जो कई किलोमीटर के दायरे में तबाही फैला सकते हैं।सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हथियारों के आने से युद्ध की प्रकृति बदल जाती है। एक जगह पर एक बड़ा धमाका होने के बजाय कई छोटे-छोटे धमाके अलग-अलग जगहों पर होते हैं। इससे आम नागरिकों के लिए खतरा बढ़ जाता है और कई बार छोटे बम जमीन पर बिना फटे पड़े रह जाते हैं, जो लंबे समय तक जानलेवा साबित हो सकते हैं।अब बहस सिर्फ सैन्य खतरे की नहीं है, बल्कि यह सवाल भी उठ रहा है कि ईरान ने यह तकनीक कैसे विकसित की। ऐसे देश में जहां उन्नत हथियार कार्यक्रमों से जुड़े वैज्ञानिकों की पहले कई बार हत्या हो चुकी है, वहां इतनी क्षमता का विकास कैसे हुआ? इजरायली विशेषज्ञों ने संकेत दिया है कि इसमें बाहरी मदद हो सकती है। इसी वजह से रूस या चीन से सैन्य तकनीक मिलने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।