जालंधर, 13 मार्च (मज़हर): पवित्र रमज़ान माह के दौरान जालंधर शहर में आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। शहर के समाजसेवी मनी अरोड़ा ने अपने निवास स्थान पर मुस्लिम समाज के सम्मान में भव्य इफ्तार पार्टी का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के गणमान्य लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने शिरकत की। इस आयोजन ने धर्म और जाति से ऊपर उठकर इंसानियत, भाईचारे और एकता का संदेश दिया।
इफ्तार पार्टी में मुस्लिम संगठन पंजाब के प्रधान एडवोकेट नईम खान विशेष रूप से पहुंचे। उन्होंने मनी अरोड़ा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि रमज़ान का महीना इंसानियत, सब्र, त्याग और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में आपसी प्रेम और सद्भाव को मजबूत करते हैं और लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का काम करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भारत की पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहज़ीब और विविधता में एकता से होती है। जब अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोग मिलकर ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होते हैं, तो यह समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश होता है। उन्होंने मनी अरोड़ा का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनका यह कदम सामाजिक एकता और आपसी सम्मान की भावना को और मजबूत करेगा।
इफ्तार पार्टी के दौरान रोज़ेदारों ने खजूर और अन्य पारंपरिक व्यंजनों के साथ रोज़ा इफ्तार किया। इस मौके पर सभी ने मिलकर देश में अमन, शांति, भाईचारे और तरक्की की दुआ मांगी। कार्यक्रम का माहौल बेहद सौहार्दपूर्ण रहा और सभी मेहमानों ने एक-दूसरे से मिलकर रमज़ान की मुबारकबाद दी।
मनी अरोड़ा ने इस अवसर पर कहा कि उनका उद्देश्य केवल एक इफ्तार पार्टी का आयोजन करना नहीं, बल्कि समाज में भाईचारे और एकता का संदेश देना है। उन्होंने कहा कि रमज़ान का महीना हमें इंसानियत, सहयोग और जरूरतमंदों की मदद करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी मेहमानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में प्रेम और सद्भाव को बढ़ावा देते हैं।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में जब समाज को आपसी समझ और एकता की सबसे ज्यादा जरूरत है, तब इस तरह के आयोजन बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते रहेंगे, जो समाज में भाईचारे और सौहार्द की भावना को और मजबूत करेंगे।