
दिल्ली; नया वित्तीय वर्ष, नई महंगाई 1 अप्रैल से कार, टू-व्हीलर से लेकर टीवी, फ्रिज और यहां तक कि आपके जूते और घर का पेंट भी महंगा होने जा रहा है। कच्चा माल, माल ढुलाई और कमजोर रुपया आखिर कौन-कौन सी वजहें आपकी जेब पर डाल रही हैं डाका? किस सामान पर कितने प्रतिशत बढ़ेगी कीमत? अप्रैल 2026 से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही कई जरूरी सामान महंगे होने जा रहे हैं। कार, टू-व्हीलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू इस्तेमाल की चीजों की कीमतों में 2% से लेकर 10% तक की बढ़ोतरी हो सकती है।कीमतों में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह कच्चे माल की लागत में अचानक आई तेजी है। प्लास्टिक, रेजिन और पॉलिमर जैसे मैटेरियल्स महंगे हो गए हैं, जिनका इस्तेमाल ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने में काफी ज्यादा होता है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माल ढुलाई की दरों में 7-10% की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी करीब 2% कमजोर हुआ है, जिससे आय महंगा हो गया है।अगर आप नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो जल्दी करें। मारुति, टाटा जैसी आम बाजार की कंपनियों के साथ-साथ मर्सिडीज-बेंज और ऑडी जैसी लग्जरी कार कंपनियाँ भी 1 अप्रैल से कीमतों में 2 से 3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने जा रही हैं।