
डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर के जैव-प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा बी.एस.सी. जैव-प्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों के लिए भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, मोहाली का एक शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने जैव-विज्ञान, रसायन-विज्ञान, भौतिक-विज्ञान तथा भू-विज्ञान के क्षेत्रों में स्थापित अत्याधुनिक अनुसंधान प्रयोगशालाओं का सूक्ष्म निरीक्षण किया।
जैविक विज्ञान विभाग की प्रयोगशालाओं ने विद्यार्थियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया, जहाँ उच्च-विश्लेषण क्षमता वाले सूक्ष्मदर्शी, कॉन्फोकल सूक्ष्मदर्शी तथा स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी जैसे उन्नत उपकरण उपलब्ध थे। यहाँ विद्यार्थियों को आधुनिक अनुसंधान सुविधाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने प्राध्यापकों एवं शोधकर्ताओं के साथ विचार-विनिमय किया तथा आणविक जीवविज्ञान, आनुवंशिकी, सूक्ष्मजीवविज्ञान एवं भू-विज्ञान से संबंधित विभिन्न अनुसंधान कार्यों के विषय में जानकारी प्राप्त की। इस अनुभव ने उनके भीतर सूक्ष्मजीव समुदाय संबंधी अनुसंधान तथा जीन-संशोधन जैसे नवोन्मेषी क्षेत्रों के प्रति रुचि उत्पन्न की।
विद्यार्थियों ने खमीर की विभिन्न प्रजातियों—सेरिविसी तथा पोम्बे—का उपयोग करते हुए आणविक परीक्षण एवं प्रतिकृति निर्माण से संबंधित प्रक्रियाओं का अवलोकन किया। साथ ही, उन्होंने प्रोटीन विश्लेषण तथा बहुगुणन अभिक्रिया जैसी तकनीकों को भी समझा, जिससे उनके व्यावहारिक ज्ञान में वृद्धि हुई।
इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों ने घरेलू ठोस एवं द्रव अपशिष्ट से बायोगैस निर्माण की प्रक्रिया का अध्ययन किया तथा यह जाना कि अवशिष्ट पदार्थों का उपयोग मृदा की उर्वरता बढ़ाने में किस प्रकार किया जा सकता है।
यह शैक्षणिक भ्रमण विभागाध्यक्ष डॉ. रेणुका मल्होत्रा, समन्वयक डॉ. संजय शर्मा तथा प्रोफेसर प्रिंसी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार के प्रति रुचि जागृत करना तथा उन्हें अनुसंधानात्मक वातावरण का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के भ्रमण सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक उपयोग के मध्य की दूरी को कम करते हैं तथा विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन में विज्ञान के अनुप्रयोगों की गहन समझ प्रदान करते हैं।