
जालंधर:- मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में नवरात्रि के शुभ अवसर पर माता सिद्धिदात्री जी के निमित हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।
सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमान मनी राम से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन ,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।
सिद्ध माँ बगलामुखी धाम में आयोजित साप्ताहिक दिव्य हवन-यज्ञ के पावन अवसर पर प्रेरक प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज ने अपने ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भक्ति के मार्ग से जोड़ते हुए नवरात्रों के आध्यात्मिक महत्व को गहराई से समझाया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि केवल व्रत, पूजा और अनुष्ठानों का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, संस्कारों के जागरण और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का दिव्य अवसर है।
नवजीत भारद्वाज जी ने कन्या पूजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन नौ पावन दिनों में किया जाने वाला कन्या पूजन हमें एक गहरा और प्रेरणादायक संदेश देता है; हर कन्या में स्वयं माँ दुर्गा का वास होता है। उन्होंने समझाया कि कन्याएं केवल छोटी बच्चियां नहीं होतीं, बल्कि वे शक्ति, पवित्रता, करुणा और सृजन की साक्षात प्रतीक हैं।
उन्होंने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि “जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है।” जब हम श्रद्धा भाव से कन्याओं के चरण धोते हैं, उन्हें प्रेमपूर्वक भोजन कराते हैं और उन्हें सम्मान स्वरूप उपहार देते हैं, तो यह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि माँ भगवती के प्रति हमारी सच्ची भक्ति और समर्पण का प्रतीक होता है।
नवजीत भारद्वाज जी ने बताया कि नन्हीं बालिकाओं में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों का वास माना गया है, और उनकी सेवा करने से भक्तों को माँ की असीम कृपा प्राप्त होती है। यह पूजा केवल बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि हमारे मन, विचार और व्यवहार की शुद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने आधुनिक समाज की सोच पर भी चिंतन करते हुए कहा कि आज आवश्यकता है कन्या पूजन के वास्तविक अर्थ को समझने की। यदि हम केवल एक दिन कन्याओं की पूजा करें और शेष दिनों में उनके साथ भेदभाव करें, तो यह सच्ची भक्ति नहीं है। सच्ची भक्ति वही है, जिसमें सम्मान और समानता हर दिन, हर परिस्थिति में दिखाई दे।
अपने प्रवचनों के अंत में उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को यह संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया कि हम हर बेटी को समान अधिकार और सम्मान दें, कन्या भ्रूण हत्या जैसी घोर पापपूर्ण कुरीति को जड़ से समाप्त करने में योगदान दें, और बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा व आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करें।
उन्होंने कहा कि हमें समाज की संकीर्ण मानसिकता को बदलकर नारी को उसका उचित और सम्मानित स्थान देना होगा। क्योंकि वास्तव में वही स्थान समाज को उन्नति और समृद्धि की ओर ले जाता है।
अंत में उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा; *“कन्या पूजन केवल एक दिन की पूजा नहीं, बल्कि एक नई सोच की शुरुआत है। आइए, हम ऐसा समाज बनाएं जहाँ हर बेटी सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त हो—यही सच्ची भक्ति और माँ दुर्गा की सच्ची आराधना है।”*
नवजीत भारद्वाज ने बताया कि हवन यज्ञ उपरांत खेतरी पूजन कर विधिवत *111 कन्या पूजन* किया गया उन्होंने बताया कि माता जी के 9 दिन हवन यज्ञ उपरांत भी भक्त जनों में बहुत ही हर्षोल्लास का माहौल था।
कन्या पूजन एवं हवन यज्ञ उपरांत विशाल लंगर भंडारे का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर श्वेता भारद्वाज, राकेश प्रभाकर, पूनम प्रभाकर,
समीर कपूर, मोनिका कपूर ,
सरोज बाला, विक्की अग्रवाल, अमरेंद्र कुमार शर्मा, प्रदीप , दिनेश सेठ,सौरभ भाटिया,विवेक अग्रवाल, जानू थापर,दिनेश चौधरी,नरेश,कोमल,वेद प्रकाश, मुनीष मैहरा, ऋषभ कालिया, कमलजीत,बलजिंदर सिंह,अजीत कुमार , नरेंद्र ,रोहित भाटिया,बावा जोशी,राकेश शर्मा, अमरेंद्र सिंह, विनोद खन्ना, नवीन , प्रदीप, सुधीर, सुमीत,मनीष शर्मा,दानिश, रितु, कुमार,गौरी केतन शर्मा,सौरभ ,शंकर, संदीप,रिंकू,प्रदीप वर्मा, गोरव गोयल, मनी ,नरेश,अजय शर्मा,दीपक , किशोर,प्रदीप , प्रवीण,राजू, गुलशन शर्मा,संजीव शर्मा, रोहित भाटिया,मुकेश, रजेश महाजन ,अमनदीप शर्मा, गुरप्रीत सिंह, विरेंद्र सिंह, अमन शर्मा, वरुण, नितिश,रोमी, भोला शर्मा,दीलीप, लवली, लक्की, मोहित , विशाल , अश्विनी शर्मा , रवि भल्ला, भोला शर्मा, जगदीश, नवीन कुमार, निर्मल,अनिल,सागर,दीपक,दसोंधा सिंह, प्रिंस कुमार, पप्पू ठाकुर, दीपक कुमार, नरेंद्र, सौरभ,दीपक कुमार, नरेश,दिक्षित, अनिल, कमल नैयर, अजय, भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।