
मोगा: देश भर में एल.पी.जी. गैस की कमी का असर अब पंजाब के सरकारी स्कूलों में भी देखने को मिल रहा है। मोगा जिले के कई स्कूलों में गैस सिलैंडर समय पर उपलब्ध न होने के कारण बच्चों के लिए मिड-डे मील पारंपरिक लकड़ी जलाकर चलने वाले चूल्हों पर तैयार किया जा रहा है। इससे न केवल स्कूल प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं बल्कि संसाधनों और खर्च पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।मोगा जिले में कुल 606 स्कूल हैं जिनमें 354 प्राइमरी, 237 अपर प्राइमरी, 10 सरकारी सहायता प्राप्त, 3 आदर्श स्कूल और 2 अन्य स्कूल शामिल हैं। इन सभी में करीब 65 हजार बच्चों को प्रतिदिन मिड-डे मील उपलब्ध कराया जाता है। हालांकि, हाल ही में कई स्कूलों में गैस की कमी के चलते भोजन व्यवस्था प्रभावित होती नजर आई। ग्राऊंड स्तर पर जांच के दौरान सामने आया कि सरकारी प्राइमरी स्कूल जलालाबाद पूर्वी में करीब 450 बच्चों के लिए मिट्टी के चूल्हे पर लकड़ी से खाना बनाया जा रहा है।वहीं, सरकारी प्राइमरी स्मार्ट स्कूल गार्डन कॉलोनी में 187 बच्चों के लिए भी इसी तरह भोजन तैयार किया जा रहा है। स्कूलों में रसोइयों को धुएं और अतिरिक्त मेहनत के बीच काम करना पड़ रहा है। गार्डन कॉलोनी स्कूल के प्रिं. गुरमीत सिंह सोढी ने बताया कि गैस सिलैंडर समय पर नहीं मिल पाता जिसके कारण कई बार शिक्षकों को अपने घरों से सिलैंडर लाना पड़ता है या गांव से इंतजाम करना पड़ता है।