
जालंधर स्थित डी.ए.वी. कॉलेज परिसर में संचालित डी.ए.वी. कॉलेजिएट सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने नव-प्रवेश प्राप्त विद्यार्थियों के लिए सफलतापूर्वक दो-दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, संस्थागत मूल्यों तथा सर्वांगीण विकास के अवसरों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ डी.ए.वी. गान के सामूहिक गायन से हुआ, जिससे वातावरण में अनुशासन एवं उत्साह का संचार हुआ। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार, उप-प्राचार्य डॉ. कुॅंवर राजीव एवं प्रो. सोनिका दानिया, तथा रजिस्ट्रार प्रो. अशोक कपूर ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
विद्यालय की प्रभारी डॉ. रेणुका मल्होत्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें संस्थान के मूल सिद्धांतों, नैतिक मूल्यों तथा अनुशासनात्मक परंपराओं से अवगत कराया। उन्होंने अपेक्षित आचार-संहिता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक यात्रा में अनुशासन, ईमानदारी तथा उत्तरदायित्व को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
अपने मुख्य संबोधन में प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार ने नव-प्रवेशित विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें जीवन के इस नए चरण को आत्मविश्वास एवं दृढ़ संकल्प के साथ अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सफलता प्राप्त करने हेतु अनुशासन, निरंतर परिश्रम एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के महत्व पर बल दिया। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में समान रूप से सक्रिय भागीदारी करें।
प्रथम विशेषज्ञ सत्र में वरिष्ठ उप-प्राचार्य डॉ. कुॅंवर राजीव ने “मन को प्रशिक्षित करने की विधियाँ” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रभावी अध्ययन हेतु विचारों एवं स्मरण शक्ति को सुव्यवस्थित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला तथा एकाग्रता और स्मरण क्षमता बढ़ाने के लिए व्यावहारिक उपाय सांझा किए।
इसके पश्चात खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सह-प्राध्यापक प्रो. पंकज गुप्ता ने एक जानकारीपूर्ण एवं संवादात्मक सत्र प्रस्तुत किया। उनके सत्र का मुख्य विषय खाद्य सुरक्षा तथा दैनिक उपयोग में आने वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान था। उन्होंने दूध एवं अन्य सामान्य उत्पादों की शुद्धता जाँचने हेतु सरल विधियों का प्रदर्शन किया, जिससे विद्यार्थियों में जागरूकता का विस्तार हुआ।
इसके उपरांत सुश्री रंजीता गुगलानी द्वारा एक रोचक परिचयात्मक गतिविधि आयोजित की गई, जिसने विद्यार्थियों के बीच आपसी संवाद एवं मेल-मिलाप को प्रोत्साहित किया। उत्साहपूर्वक भाग लेने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
प्रथम दिवस का समापन विद्यालय पुस्तकालय के निर्देशित भ्रमण के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों एवं सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
द्वितीय दिवस पर प्राणीशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत पुरी ने एक विद्यार्थी से शिक्षाविद् बनने तक की अपनी प्रेरक जीवन-यात्रा सांझा की। उन्होंने विद्यार्थियों को डी.बी.टी. अनुदान संबंधी जानकारी प्रदान की तथा सह-पाठ्यक्रम एवं अनुसंधान से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
एक अन्य महत्वपूर्ण सत्र में प्लेसमेंट विभाग के अधिष्ठाता डॉ. मानव अग्रवाल ने विद्यार्थियों को करियर निर्माण हेतु आवश्यक कौशलों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने जीवनी-वृत्त (रेज़्यूमे) लेखन, संवाद कौशल, समूह चर्चा तथा साक्षात्कार तकनीक जैसे विषयों पर प्रकाश डाला और परिसर में उपलब्ध रोजगार एवं प्रशिक्षण अवसरों की जानकारी भी दी।
द्वितीय दिवस में परिचयात्मक संवाद सत्र, खेलकूद तथा मनोरंजन गतिविधियाँ भी सम्मिलित रहीं, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ-साथ आनंदपूर्ण अनुभव भी प्राप्त हुआ।
इस कार्यक्रम का सफल समन्वय डॉ. प्रदीप कौर राजपाल, डॉ. रीना राणा, डॉ. सपना शर्मा एवं सुश्री रंजीता गुगलानी द्वारा संकाय सदस्यों तथा तकनीकी कर्मचारियों के सहयोग से किया गया।
इस प्रवेश-परिचय कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा सभी सत्रों में सक्रिय सहभागिता दिखाई। कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक वातावरण में सहज रूप से ढलने तथा उत्कृष्टता की दिशा में प्रेरित करने हेतु एक प्रभावशाली और सार्थक पहल सिद्ध हुआ।