
एपीजे एजुकेशन की चेयरपर्सन श्रीमती सुषमा पॉल बर्लिया के मार्गदर्शन में एपीजे स्कूल, महावीर मार्ग में 27 अप्रैल सोमवार को प्री-नर्सरी से कक्षा पाँचवीं तक के नव-प्रवेशित विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए एक पैरेंट ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अभिभावकों को स्कूल की शिक्षण प्रणाली से अवगत कराना था, जिसे सभी ने अत्यंत सराहा।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री यशपाल शर्मा ने नए अभिभावकों का हार्दिक स्वागत किया और उन्हें स्कूल की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। इस अवसर पर प्री-प्राइमरी इंचार्ज श्रीमती जागृति शर्मा ने अपने संबोधन में बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में हुए शोध यह सिद्ध करते हैं कि बच्चे देखकर, सुनकर और स्वयं कार्य करके अधिक प्रभावी ढंग से सीखते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए स्कूल में गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति अपनाई जाती है। बच्चों की आंतरिक क्षमताओं के विकास, रटने की बजाय स्थायी समझ विकसित करने तथा रचनात्मक और विश्लेषणात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए सुव्यवस्थित थीमैटिक पाठ्यक्रम तैयार किया गया है।
प्री-प्राइमरी शिक्षकों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण तकनीकों का प्रदर्शन किया और अभिभावकों को भी इसमें शामिल किया, जिससे वे बच्चों के दृष्टिकोण से सीखने की प्रक्रिया को समझ सके। श्रीमती दीपा वेदी ने कक्षा I–II और श्रीमती राखी झट्टा ने कक्षा III–V की शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं के बारे में अभिभावकों को जानकारी दी। स्कूल की वलेद्रा (valedra) कोऑर्डिनेटर सुश्री गीतिका ने स्कूल की खेलकूद एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी दी।
विद्यालय की उप- प्रधानाचार्या श्रीमती आरती शोरी भट्ट ने अभिभावकों को स्कूल के नियमों, नीतियों तथा अनुशासित पालन-पोषण के महत्व से अवगत कराया। प्रशासनिक अधिकारी श्री उमेश कुमार ने स्कूल की परिवहन व्यवस्था तथा बच्चों की सुरक्षा से संबंधित जानकारी साझा की।
प्रधानाचार्य श्री यशपाल शर्मा ने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में स्कूल और अभिभावकों की संयुक्त जिम्मेदारी है तथा दोनों को मिलकर बच्चों को सही दिशा में आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि अभिभावकों को स्कूल की गतिविधियों से अवगत कराया जा सके।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों के लिए खानपान की व्यवस्था की गई, जिसकी सभी ने सराहना की।