मेहर चंद पॉलिटेक्निक कॉलेज के एप्लाइड साइंस विभाग द्वारा “वांटा-वायु बुद्धिमत्ता (वायु शोधक)” नामक एक नवीनतम परियोजना तैयार की गई है, जिसे विभिन्न प्रतियोगिताओं में शानदार प्रतिक्रिया और सराहना प्राप्त हुई है। यह परियोजना कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. जगरूप सिंह तथा एप्लाइड साइंस विभाग के मार्गदर्शन में विकसित की गई।यह वायु शोधक हवा शुद्धिकरण के क्षेत्र में उच्च प्रदर्शन करने के साथ-साथ बाजार में उपलब्ध अन्य वायु शोधकों की तुलना में काफी किफायती माना जा रहा है। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 3700 रुपये है, जबकि इसी प्रकार की विशेषताओं वाले वायु शोधक बाजार में 14,000 से 18,000 रुपये तक उपलब्ध हैं।इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य एक “उन्नत वायु शुद्धिकरण पारिस्थितिकी तंत्र” विकसित करना है, जिसमें औद्योगिक स्तर की फिल्ट्रेशन तकनीक को ESP-32 आधारित डिजिटल प्रणाली के साथ जोड़ा गया है। पारंपरिक वायु शोधकों से अलग, यह प्रणाली MQ-135 वातावरण संवेदक तथा उच्च-गुणवत्ता वाली OLED डिस्प्ले की सहायता से वायु गुणवत्ता सूचकांक एवं हानिकारक गैसों की मात्रा संबंधी त्वरित और पारदर्शी जानकारी प्रदान करती है।कॉलेज प्रशासन के अनुसार यह मॉडल आधुनिक इंजीनियरिंग कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें डेटा पारदर्शिता और प्रभावशाली वायु शुद्धिकरण क्षमता को एक ही उपयोगकर्ता-केंद्रित उपकरण में समाहित किया गया है।इस परियोजना का मार्गदर्शन एप्लाइड साइंस विभाग द्वारा किया गया तथा विद्यार्थियों की टीम ने मिलकर इस नवीनतम प्रणाली को सफलतापूर्वक तैयार किया। अंत में, प्रिंसिपल डॉ. जगरूप सिंह ने इस उपलब्धि के लिए समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों को बधाई दी।