नवीन शैक्षणिक सत्र 2026–27 के शुभारम्भ पर ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करने के उद्देश्य से आज डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर में पवित्र हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक एवं वैदिक अनुष्ठान ने प्रशासन, प्राध्यापकों, कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों को एक सूत्र में बाँधते हुए आगामी शैक्षणिक वर्ष के लिए सकारात्मक, प्रेरणादायी एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण का सृजन किया।

इस पावन अवसर पर महाविद्यालय के अनेक गणमान्य अधिकारी एवं प्राध्यापक उपस्थित रहे, जिनमें वरिष्ठ उप-प्राचार्य डॉ. कुॅंवर राजीव, उप-प्राचार्या प्रो. सोनिका दानिया, रजिस्ट्रार प्रो. अशोक कपूर, वित्ताधिकारी डॉ. मनु सूद, कॉलेजिएट स्कूल प्रभारी डॉ. रेणुका मल्होत्रा, स्टाफ सचिव डॉ. ऋषि कुमार तथा संयुक्त स्टाफ सचिव प्रो. साहिल नागपाल प्रमुख रूप से सम्मिलित थे।

हवन-यज्ञ की पूर्णाहुति के उपरान्त स्टाफ सचिव डॉ. ऋषि कुमार ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने शिक्षकों की सराहना करते हुए उन्हें महाविद्यालय की वास्तविक ‘रीढ़’ बताया तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के समर्पण, परिश्रम एवं कर्तव्यनिष्ठा की भी मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हवन-यज्ञ डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर की एंग्लो-वैदिक परम्परा एवं आदर्शों के अनुरूप एक पवित्र वैदिक अनुष्ठान है। ऐसी परम्पराएँ केवल नए शैक्षणिक सत्र का शुभारम्भ भर नहीं करतीं, बल्कि शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के मध्य आत्मीयता, सहयोग और पारस्परिक विश्वास की भावना को सुदृढ़ करते हुए वैदिक संस्कृति एवं जीवन-मूल्यों को भी सशक्त बनाती हैं।

इसके पश्चात वरिष्ठ उप-प्राचार्य डॉ. कुॅंवर राजीव ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों को ज्ञानवर्धक एवं जीवनोपयोगी संदेश प्रदान किए। उन्होंने डी.ए.वी. परिवार के शिक्षकों की उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति और निरंतर समर्पण की सराहना करते हुए समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे गत शैक्षणिक सत्र की अपेक्षा अपनी कार्यक्षमता, अनुशासन तथा उपलब्धियों में और अधिक वृद्धि करने का सतत् प्रयास करें।

उन्होंने अपने उत्साहवर्धक संबोधन में सभी को व्यक्तिगत, शैक्षणिक एवं नैतिक उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया तथा नवीन शैक्षणिक सत्र 2026–27 के सफल, समृद्ध एवं उपलब्धिपूर्ण होने की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

कार्यक्रम का समापन स्टाफ सचिव द्वारा प्रस्तुत औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार के प्रति गहन आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से ऐसे पावन वैदिक अनुष्ठानों का नियमित आयोजन संभव हो पाता है, जो महाविद्यालय को उसकी गौरवशाली सांस्कृतिक एवं वैदिक परम्पराओं से निरंतर जोड़े रखते हैं। उन्होंने उप-प्राचार्यों, कुलसचिव, वित्ताधिकारी, समस्त शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों का भी कार्यक्रम की गरिमापूर्ण एवं सफल आयोजना में उनके सक्रिय सहयोग एवं सहभागिता के लिए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।