
जालंधर, 17 जुलाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जालंधर कैंट दौरे से पहले शुक्रवार सुबह मुस्लिम संगठन पंजाब के प्रधान एडवोकेट नईम खान तथा संगठन के महासचिव एवं जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जिला प्रधान मोहम्मद मजहर आलम मजाहिरी को थाना सदर पुलिस ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। पुलिस ने पूरे समय उनके घरों के बाहर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बनाए रखी।
नजरबंदी के दौरान एडवोकेट नईम खान और मोहम्मद मजहर आलम मजाहिरी ने आरोप लगाया कि देश में मुसलमानों के साथ अन्याय और भेदभाव की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि मुसलमानों की पहचान उनकी टोपी से की जा रही है, मस्जिदों को तोड़ा जा रहा है, धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप किया जा रहा है तथा पैगंबर-ए-इस्लाम की शान में आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। उनका कहना था कि इन राष्ट्रीय मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी से ऐसे बयान देने वाले कुछ भाजपा नेताओं को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस को आशंका थी कि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान काले झंडे दिखाकर विरोध किया जा सकता है। इसी आशंका के चलते उन्हें सुबह से ही घरों में नजरबंद रखा गया।
मुस्लिम संगठन पंजाब के प्रधान एडवोकेट नईम खान ने कहा कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशों का सम्मान करते हुए पूरा सहयोग किया।
उधर, थाना सदर के एसएचओ संजीव कुमार तथा थाना प्रतापपुरा के प्रभारी विक्टर मसीह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकारी दौरे पर जालंधर आए हैं और सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एहतियातन मोहम्मद मजहर आलम मजाहिरी को पुलिस निगरानी में उनके आवास पर रखा गया।