
जालंधर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने एक ऐसा इंडस्ट्री-ओरिएंटेड एकेडमिक इकोसिस्टम बनाया है जो छात्रों को ट्रैवल, टूरिज़्म, एविएशन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में करियर के लिए तैयार करता है। इंटर्नशिप, इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स, सिमुलेशन और अनुभव-आधारित शिक्षा के ज़रिए प्रैक्टिकल लर्निंग को शामिल करके छात्र ग्रेजुएट होते हैं। यूनिवर्सिटी कई खास प्रोग्राम ऑफ़र करती है, जिनमें बीबीए टूरिज़्म, हॉस्पिटैलिटी और इवेंट मैनेजमेंट; बी.एस.सी. एयरलाइंस, टूरिज़्म और हॉस्पिटैलिटी; बीबीए एयरलाइंस और एयरपोर्ट मैनेजमेंट; बी.एस.सी कलिनरी आर्ट्स; और बैचरल इन होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नॉलोजी शामिल हैं।
एलपीयू के छात्र एडवांस्ड एविएशन, फ्रंट ऑफ़िस और फ़ूड प्रोडक्शन लैबोरेटरी, इंडस्ट्रियल विज़िट, लाइव प्रोजेक्ट्स, जाने-माने इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की मास्टरक्लास और प्रमुख टूरिज़्म और हॉस्पिटैलिटी संगठनों के साथ सहयोग के ज़रिए प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करते हैं। अनुभव-आधारित सीखने की एक अनोखी पहल, कैंपस के अंदर मौजूद ‘यूनि होटल’, छात्रों को असली मेहमानों की सेवा करते हुए होटल के वास्तविक कामकाज को संभालने का मौका देती है। साथ ही, सेमेस्टर एक्सचेंज प्रोग्राम, इंटरनेशनल क्रेडिट ट्रांसफर के अवसर और 80 से ज़्यादा देशों की 550 से अधिक यूनिवर्सिटीज़ के साथ सहयोग छात्रों को बेहतरीन ग्लोबल अनुभव प्रदान करते हैं।
टूरिज़्म, एविएशन और हॉस्पिटैलिटी की शिक्षा में एलपीयू की ‘एडु-रेवोल्यूशन’ एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। छात्रों को एआई-बेस्ड लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म, एविएशन सिमुलेशन सिस्टम, ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम जैसे “अमेडस” और “गैलिलीओ”, होटल प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सॉफ़्टवेयर, “ओपेरा”, स्मार्ट टूरिज़्म टेक्नोलॉजी और डिजिटल कस्टमर एक्सपीरियंस टूल का इस्तेमाल करके ट्रेनिंग दी जाती है, जो असल इंडस्ट्री के माहौल जैसे ही होते हैं। टेक्नोलॉजी पर आधारित यह तरीका ग्रेजुएट्स को उन डिजिटल स्किल्स से लैस करता है जिनकी ज़रूरत तेज़ी से ऑटोमेटेड, डेटा-ड्रिवन और टेक्नोलॉजी-बेस्ड ग्लोबल टूरिज़्म और हॉस्पिटैलिटी इकोसिस्टम में कामयाब होने के लिए होती है।
एलपीयू के मज़बूत इंडस्ट्री कनेक्शन की वजह से छात्र एयर इंडिया, इंडिगो, कत्तर एयरबेस, स्विसटेल, थॉमस कुक, थ्रिलोपिलिया, द ओबराय, आईटीसी होटल, दी लीला, कैमपिनस्की, पीएंडओ क्रूज और कोर्डिलिया क्रूज जैसी बड़ी कंपनियों में प्लेसमेंट पाने में कामयाब रहे हैं। छात्रों को ₹37 लाख तक के पैकेज मिले हैं, जबकि इंटरनेशनल इंटर्नशिप में ₹3.4 लाख तक का मासिक स्टाइपेंड मिला है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी की “अरन यूअर फीस बैक” (अपनी फ़ीस वापस पाएं) पॉलिसी भी है, जो छात्रों को पढ़ाई के दौरान कीमती प्रोफेशनल अनुभव हासिल करने का मौका देती है। अपने इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड लर्निंग मॉडल के साथ, एलपीयू एक ऐसी एजुकेशन-क्रांति ला रहा है जो क्लासरूम की पढ़ाई और असल दुनिया के करियर के बीच की दूरी को कम करती है, और ग्रेजुएट्स को पहले दिन से ही बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए तैयार करती है।
बेहतरीन प्रदर्शन पर अपना फ़ोकस और मज़बूत करते हुए, एलपीयू के होटल मैनेजमेंट एंड टूरिज्म डिपार्टमेंट ने 10,829 तिरंगे रंग के मैकरॉन बनाकर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ इंटरनेशनल पहचान हासिल की है, जो छात्रों की क्रिएटिविटी, टेक्निकल जानकारी और टीमवर्क को दिखाता है। जैसे-जैसे टूरिज़्म आर्थिक विकास और रोज़गार को बढ़ावा दे रहा है, जो संस्थान एकेडमिक उत्कृष्टता, प्रैक्टिकल लर्निंग, ग्लोबल एक्सपोज़र और मज़बूत इंडस्ट्री पार्टनरशिप को एक साथ लाते हैं, वे टूरिज़्म, एविएशन और हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल्स की अगली पीढ़ी को तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे।