
दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच 2 हफ्तों का सीजफायर चल रहा है। लेकिन अब इसपर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। गत 8 अप्रैल को दोनों देशों ने 2 हफ्तों के सीजफायर पर आपसी सहमति जताई थी। यह डेडलाइन 22 अप्रैल को पूरी हो रही है। अफगानिस्तान में दोनों देशों की बीच बैठक फेल होने के बाद अमेरिका ने हॉर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी कर दी। ऐसे में अब सीजफायर पर भी संकट के बाद छा रहे हैं। सीजफायर बढ़ाने पर व्हाइट हाउस ने भी बयान जारी किया है।बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने गत 7 अप्रैल को ईरान की सभ्यता खत्म करने का ऐलान किया था। हालांकि हमला से पहले ही ईरान और अमेरिका के बीच 2 हफ्तों की सीजफायर हो गया। इसके बाद शांति बैठक के लिए दोनों देश पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंचे। यहां बैठक असफल रही। दोनों अपनी अपनी शर्तों पर अड़े रहे और बैठक बेनतीजा रही। बैठक के बाद अमेरिका ने हॉर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी कर दी। 10 हजार कमांडो हॉर्मुज स्ट्रेट में उतार दिए।