
डी.ए.वी.कॉलेज, जालंधर की कर्मचारी-परिषद् ने स्नातकोत्तर पंजाबी विभागाध्यक्ष प्रो. एस.एस. रंधावा के सेवानिवृत्ति अवसर पर उन्हें सम्मानित करने हेतु एक गरिमामय एवं भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया। प्रो. रंधावा पंजाब के शैक्षणिक जगत की एक प्रतिष्ठित विभूति हैं तथा वर्तमान में पंजाब एवं चंडीगढ़ महाविद्यालय शिक्षक संघ (पी.सी.सी.टी.यू.) के महासचिव के रूप में भी सक्रिय सेवाएँ दे रहे हैं।
समारोह का शुभारंभ पारंपरिक डी.ए.वी. गान के साथ हुआ। कर्मचारी-परिषद् के सचिव डॉ. ऋषि कुमार ने सभा का औपचारिक स्वागत करते हुए प्रो. रंधावा के दीर्घ सेवाकाल एवं उनके प्रेरक व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। विरिष्ठ उप-प्राचार्य डॉ. कुॅंवर राजीव , उप-प्राचार्या प्रो. सोनिका दानिया, बरसर डॉ. मनु सूद, स्थानीय परामर्श समिति के सदस्य डॉ. पुनीत पुरी, डिप्टी रजिस्ट्रार प्रो. मनीष खन्ना तथा अन्य प्रशासनिक सदस्यों के साथ मिलकर पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय अभिनंदन किया।
कर्मचारी सचिव ने प्रो. रंधावा के जीवन एवं योगदान का उल्लेख करते हुए उन्हें एक कर्मठ, अनुशासित तथा समर्पित शिक्षक बताया, जिन्होंने न केवल अध्यापन में उत्कृष्टता स्थापित की, बल्कि शिक्षक हितों की रक्षा हेतु सदैव दृढ़ता से संघर्ष किया।
इस अवसर पर प्रो. राजन शर्मा ने विदाई संबोधन प्रस्तुत करते हुए प्रो. रंधावा की शैक्षणिक यात्रा से जुड़े अनेक मार्मिक प्रसंग सांझा किए। सम्मान-स्वरूप कर्मचारी-परिषद् द्वारा उन्हें औपचारिक विदाई-पत्र प्रदान किया गया। साथ ही, पी.सी.सी.टी.यू. के सदस्यों ने शिक्षण समुदाय के कल्याण हेतु उनके अथक प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें स्मृति-चिह्न तथा रजत-थाली भेंट कर सम्मानित किया।
“आई ऑफ द कैमरा” शीर्षक से प्रस्तुत विशेष चलचित्र-प्रदर्शन ने उपस्थित जनसमूह को स्मृतियों के लोक में पहुँचा दिया, जिसमें महाविद्यालय में प्रो. रंधावा द्वारा बिताए गए अविस्मरणीय क्षणों को प्रदर्शित किया गया।
अपने अत्यंत भावविभोर वक्तव्य में प्रो. रंधावा ने महाविद्यालय, सहकर्मियों तथा विद्यार्थियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और इस पावन परिसर से जुड़ी अनेक स्मृतियाँ सांझा कीं। इसके पश्चात अनेक सहकर्मियों एवं अतिथियों ने मंच पर आकर उनके साथ कार्य करने के अनुभव सुनाए। प्रो. एच.एस. वालिया, डॉ. जगवंत, डॉ. ब्रह्मदेव तथा डॉ. विनय सोफत सहित कई वक्ताओं ने उनके स्नेहिल स्वभाव एवं प्रेरक नेतृत्व की प्रशंसा की।
कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. कुॅंवर राजीव ने अपने संबोधन में प्रो. रंधावा की निष्कलंक निष्ठा, पंजाबी भाषा के प्रति उनके योगदान तथा उनके अद्वितीय नेतृत्व कौशल की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रो. रंधावा की सेवानिवृत्ति से महाविद्यालय में जो रिक्तता उत्पन्न हुई है, उसकी पूर्ति करना अत्यंत कठिन होगा।
कर्मचारी-परिषद् ने प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार की ओर से भी प्रो. एस.एस. रंधावा को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
समारोह का समापन संयुक्त कर्मचारी सचिव प्रो. साहिल नागपाल द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने प्रो. रंधावा के स्वस्थ, सुखद एवं शांतिमय सेवानिवृत्त जीवन की मंगलकामना की। इसके उपरांत दोपहर-भोज के साथ एक आत्मीय मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया।