
जालंधर: पंजाब कांग्रेस अनुसूचित विभाग के वाइस चेयरमैन अश्वनी जंगराल ने केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा धूरी में नगर निकाय चुनाव प्रचार के दौरान कथित रूप से की गई जातिसूचक टिप्पणी की कड़ी निंदा की है।
अश्वनी जंगराल ने कहा कि अनुसूचित जाति समाज के प्रति किसी भी प्रकार की अपमानजनक टिप्पणी अस्वीकार्य है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले व्यक्तियों को अपने शब्दों के चयन में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि उनके बयान समाज पर व्यापक प्रभाव डालते हैं।
जंगराल ने कहा कि दलित समाज देश और प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है तथा किसी भी वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना के खिलाफ है। अश्वनी जंगराल ने कहा कि जो भारतीय जनता पार्टी छोटी-छोटी बातों पर अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ मोर्चा खोल देती है और लगातार बयानबाजी करती रहती है, वही पार्टी इस गंभीर मामले में पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने कहा कि दलित समाज से जुड़े मुद्दे पर भाजपा का मौन उसकी दोहरी नीति को उजागर करता है। जंगराल ने सवाल किया कि जब विपक्षी दलों के नेताओं के बयानों पर भाजपा तुरंत प्रतिक्रिया देती है, तो फिर केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की कथित जातिसूचक टिप्पणी पर पार्टी नेतृत्व और उसके दलित नेता चुप क्यों हैं। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए भारतीय जनता पार्टी से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है । जंगराल ने कहा कि यदि कोई नेता दलित समाज के सम्मान के खिलाफ टिप्पणी करता है तो समाज से जुड़े जनप्रतिनिधियों और नेताओं का नैतिक दायित्व बनता है कि वे उसका विरोध करें।
अश्वनी जंगराल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी दलित समाज के सम्मान, अधिकारों और स्वाभिमान की रक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है तथा समाज के किसी भी वर्ग के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी का पुरजोर विरोध करती रहेगी।